वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अमेरिका-ईरान समझौते की आलोचना करने वालों पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने कहा कि युद्ध के बाद ईरान की स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है और समझौते को लेकर किए जा रहे राजनीतिक हमले वास्तविकता से परे हैं।
शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर किए गए एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, “ईरान का अंत हो चुका है। उनके पास अब कुछ नहीं बचा है।”ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति J. D. Vance ने समझौते से जुड़े लंबित मुद्दों पर चर्चा के लिए प्रस्तावित स्विट्जरलैंड यात्रा स्थगित कर दी है। इस फैसले के बाद समझौते के भविष्य को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
इसी बीच लेबनान में इज़राइली सैन्य कार्रवाई ने भी क्षेत्रीय तनाव बढ़ा दिया है, जिससे हालिया कूटनीतिक प्रयासों की सफलता पर बहस तेज हो गई है।ट्रंप ने अपने बयान में डेमोक्रेटिक नेताओं और कुछ रिपब्लिकन आलोचकों को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह दावा गलत है कि समझौता केवल युद्ध से पैदा हुई समस्याओं को सुलझाने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि युद्ध ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। ट्रंप के अनुसार अमेरिकी कार्रवाई से ईरान की नौसेना, वायु सेना और अन्य सैन्य संसाधनों को भारी नुकसान पहुंचा है।उन्होंने लिखा, “कुछ लोग कह रहे हैं कि ईरान की स्थिति चार महीने पहले से बेहतर है। यह समझ से परे है कि कोई ऐसा कैसे सोच सकता है।”
एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि बातचीत की मेज पर ईरान पूरी तरह कमजोर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अगले 60 दिनों तक समझौते के तहत होने वाली वार्ताओं पर नजर रखेगा और लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में काम करेगा।
बताया जा रहा है कि 60 दिवसीय वार्ता अवधि के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम, Strait of Hormuz में नौवहन, ईरान की जब्त संपत्तियों की वापसी, प्रतिबंधों में राहत तथा पुनर्निर्माण योजना जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।ट्रंप ने संकेत दिया कि इन सभी विषयों पर दोनों पक्ष वार्ता के माध्यम से अंतिम समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।