आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक को संबोधित करने के लिए दावोस पहुंचने से कुछ घंटे पहले ही उनके संबोधन स्थल पर प्रवेश करने के लिए लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं।
शहर में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद सैकड़ों लोग बाहर विभिन्न स्थानों पर उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए जमा हो गए।
अधिकारियों के अनुसार ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया, यहां तक कि राष्ट्रपति के रूप में उनके पहले कार्यकाल के दौरान दावोस की पिछली यात्राओं में भी नहीं।
विमान में तकनीकी खराबी के कारण कुछ देरी के बाद ट्रंप स्थानीय समयानुसार दोपहर एक बजे दावोस पहुंचे।
लोग ट्रंप के विशेष संबोधन की शुरुआत से दो घंटे से भी अधिक पहले उनके संबोधन स्थल ‘कांग्रेस हॉल’ में प्रवेश के लिए कतार में लगने लगे। ‘कांग्रेस सेंटर’ का सबसे बड़ा हॉल, जिसमें 970 से अधिक लोगों के बैठने की क्षमता है, खचाखच भरा हुआ था और सैकड़ों लोग खड़े थे।
आयोजकों ने लगभग 500 और लोगों के लिए कई अन्य हॉल में ‘लाइव स्ट्रीमिंग’ की व्यवस्था की। फिर भी कई लोगों को जगह नहीं मिल पाई और उन्हें अपने फोन और लैपटॉप पर भाषण देखते और सुनते हुए देखा गया।
अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुख्य कार्यक्रम स्थल के बाहर और सुरक्षा अवरोधकों के पार, प्रदर्शनकारियों ने जलवायु, ग्रीनलैंड, वेनेजुएला, ईरान और पूंजीवाद जैसे मुद्दों पर ट्रंप के खिलाफ नारे लगाए।