ट्रंप ने ईरान पर हमले रोके, कूटनीति को दिया मौका

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 27-07-2026
Trump halts attacks on Iran, gives diplomacy a chance.
Trump halts attacks on Iran, gives diplomacy a chance.

 

वॉशिंगटन।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य हमलों को फिलहाल रोकने का फैसला किया है ताकि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत के लिए अवसर बनाया जा सके। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने दी। इस बीच अमेरिका और ईरान दोनों की ओर से संकेत मिले हैं कि फिलहाल सैन्य गतिविधियों में अस्थायी विराम बना रह सकता है।

फॉक्स न्यूज से बातचीत में माइक वॉल्ट्ज ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए कुछ समय देना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति वार्ता के लिए थोड़ा अवसर देना चाहते हैं।" हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि दोनों देशों के बीच किस स्तर पर कूटनीतिक संपर्क जारी है।

सेना तैयार, लेकिन बातचीत को प्राथमिकता

वॉल्ट्ज ने 'फॉक्स न्यूज संडे' कार्यक्रम में कहा कि अमेरिकी सैन्य बल पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने फिलहाल बातचीत को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सैन्य तैयारियों में कोई कमी नहीं आई है और आवश्यकता पड़ने पर अमेरिका कार्रवाई करने में सक्षम है।

13 दिनों की बमबारी के बाद आया विराम

यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले सप्ताहांत अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य गतिविधियों में कमी देखी गई। अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने लगातार 13 दिनों तक चले हवाई हमलों के बाद बमबारी अभियान रोक दिया। वहीं सप्ताहांत के दौरान ईरान की ओर से पड़ोसी देशों पर किसी नए हमले की भी सूचना नहीं मिली।

इस अस्थायी शांति ने दोनों देशों के बीच फिर से कूटनीतिक वार्ता शुरू होने की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

हथियारों की कमी की अटकलों को किया खारिज

कुछ अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि सैन्य कार्रवाई रोकने के पीछे पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों और अन्य रक्षा हथियारों के सीमित भंडार की चिंता भी एक कारण हो सकती है।

हालांकि माइक वॉल्ट्ज ने एनबीसी न्यूज के कार्यक्रम 'मीट द प्रेस' में इन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं इसकी पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना के पास अभियान चलाने के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध हैं।

नेतन्याहू की व्हाइट हाउस यात्रा पर नजर

इसी बीच इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंगलवार को व्हाइट हाउस पहुंचने वाले हैं। माना जा रहा है कि वह राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात के दौरान ईरान, विशेष रूप से उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख बनाए रखने की अपील कर सकते हैं।

ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकता कूटनीति

ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को कहा कि हालिया सैन्य तनाव के बावजूद राष्ट्रपति की पहली पसंद अब भी कूटनीतिक समाधान है।

अधिकारी के अनुसार, राष्ट्रपति पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि ईरान गंभीरता से बातचीत की मेज पर आता है तो अमेरिका कूटनीति को प्राथमिकता देगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाई के जरिए ईरान को यह संदेश दिया गया है कि बातचीत से इनकार करने की स्थिति में उसे परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

ईरान ने भी दिया संकेत

रॉयटर्स के अनुसार, ईरान के एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि यदि अमेरिका आगे कोई नया हमला नहीं करता, तो तेहरान भी अपने सैन्य अभियान को रोकने के लिए तैयार है।

सूत्र के हवाले से कहा गया कि ईरान की नीति "हमले के बदले हमला" की रही है। यदि अमेरिकी हमले रुकते हैं तो ईरान भी अपनी सैन्य कार्रवाई रोक देगा। यह संदेश पहले ही अमेरिका तक पहुंचाया जा चुका है।

हालांकि ईरानी सूत्र ने यह भी कहा कि तेहरान में अमेरिकी इरादों को लेकर अभी भी गहरा संदेह बना हुआ है। उनके अनुसार, ईरान में कई अधिकारी मानते हैं कि यह विराम स्थायी शांति की बजाय केवल एक सामरिक रणनीति भी हो सकता है।

क्षेत्रीय तनाव कम होने की उम्मीद

करीब दो सप्ताह तक चली सैन्य तनातनी ने पूरे पश्चिम एशिया में व्यापक तनाव पैदा कर दिया था। इसका असर समुद्री व्यापार, हवाई सेवाओं और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ा।

हालांकि दोनों देशों की ओर से अब भी एक-दूसरे को चेतावनी दी जा रही है, लेकिन ताजा घटनाक्रम से यह संकेत मिल रहे हैं कि गहरे अविश्वास के बावजूद कूटनीतिक संवाद के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। आने वाले दिनों में दोनों देशों का रुख क्षेत्रीय स्थिति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।