Qatar condemned the terrorist attack on a Pakistani tank.
नई दिल्ली/दोहा
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के टैंक जिले में संयुक्त सुरक्षा चौकी पर हुए आत्मघाती आतंकी हमले की कतर ने कड़ी निंदा की है। इस हमले में 12 सैन्यकर्मियों, दो पुलिसकर्मियों और वन विभाग के एक पूर्व अधिकारी सहित कुल 15 लोगों की मौत हो गई थी। कतर ने इस घटना को आतंकवाद का जघन्य कृत्य बताते हुए पीड़ित परिवारों, पाकिस्तान सरकार और वहां की जनता के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
कतर के विदेश मंत्रालय ने जारी आधिकारिक बयान में कहा कि देश हर प्रकार की हिंसा, आतंकवाद और आपराधिक गतिविधियों का विरोध करता है, चाहे उनके पीछे कोई भी उद्देश्य या कारण क्यों न हो।
कतर ने जताई संवेदना
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले की कतर सरकार कड़े शब्दों में निंदा करती है।
बयान में कहा गया, "कतर मृतकों के परिजनों, पाकिस्तान की सरकार और जनता के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है।"
कैसे हुआ हमला?
पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, शुक्रवार तड़के आतंकवादियों ने टैंक जिले में स्थित संयुक्त सुरक्षा चौकी पर हमला किया।
सेना का कहना है कि आतंकियों ने पहले चौकी की सुरक्षा घेराबंदी को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उनके प्रयास को विफल कर दिया। जवाबी कार्रवाई में 12 आतंकवादी मारे गए।
हालांकि, प्रारंभिक हमला विफल होने के बाद आतंकवादियों ने विस्फोटकों से भरे वाहन को चौकी की बाहरी दीवार से टकरा दिया, जिससे भीषण विस्फोट हुआ।
15 सुरक्षाकर्मी और अधिकारी शहीद
आईएसपीआर के अनुसार, विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि चौकी का बुनियादी ढांचा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। इस हमले में 12 सैनिक, दो पुलिसकर्मी और वन विभाग के एक सरकारी अधिकारी की मौत हो गई।
पाकिस्तानी सेना ने कहा कि इन जवानों ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
टीटीपी पर लगाया आरोप
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, सेना ने हमले के लिए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को जिम्मेदार ठहराया है। आधिकारिक बयान में इस संगठन के लिए पाकिस्तान सरकार द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द "फितना-अल-खवारिज" का प्रयोग किया गया है।
हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने आसपास के इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया ताकि फरार आतंकवादियों का पता लगाया जा सके।
आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी रहेगा
आईएसपीआर ने कहा कि पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां और कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी संस्थान 'अज़्म-ए-इस्तेहकाम' अभियान के तहत आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई पूरी मजबूती के साथ जारी रखेंगे।
सेना ने कहा कि जवानों का बलिदान आतंकवाद के खिलाफ देश की लड़ाई को और मजबूत करता है तथा सुरक्षा बल हर कीमत पर देश की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
राष्ट्रपति जरदारी ने भी की निंदा
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में सुरक्षा बलों की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि जवानों ने हमले को विफल करते हुए 12 आतंकवादियों को मार गिराया।
उन्होंने शहीद सैनिकों और पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उनके बलिदान को देश कभी नहीं भूलेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे हमलों का उद्देश्य पाकिस्तान के शांति प्रयासों को कमजोर करना है, लेकिन देश आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ी आतंकी गतिविधियां
हाल के महीनों में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आतंकी घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। डॉन के अनुसार, पिछले सप्ताह भी बन्नू जिले और आसपास के क्षेत्रों में खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए अभियानों में सुरक्षा बलों ने 24 आतंकवादियों को मार गिराया था।
इससे पहले मई महीने में बन्नू के फतेह खेल पुलिस पोस्ट पर विस्फोटकों से लदे वाहन के जरिए किए गए हमले में 15 पुलिसकर्मी मारे गए थे। लगातार बढ़ती आतंकी घटनाओं ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।