ट्रंप का दावा: टैरिफ के जरिए भारत-पाक संघर्ष रुकवाया, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जताई नाराज़गी

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 21-02-2026
Trump claims tariffs stopped Indo-Pak conflict, expresses displeasure over Supreme Court decision
Trump claims tariffs stopped Indo-Pak conflict, expresses displeasure over Supreme Court decision

 

न्यूयॉर्क/वाशिंगटन

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात को समाप्त कराने के लिए टैरिफ (शुल्क) का इस्तेमाल किया था। साथ ही उन्होंने दुनिया भर के देशों पर लगाए गए व्यापक टैरिफ को रद्द करने के अदालत के फैसले की कड़ी आलोचना की।

सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ लगाने के अधिकार को नकारा

अमेरिका के Supreme Court of the United States ने छह-तीन के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) राष्ट्रपति को एकतरफा टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता।हालांकि, इस फैसले से तीन न्यायाधीशों ने असहमति जताई। इनमें Clarence Thomas, Samuel A. Alito Jr. और Brett Kavanaugh शामिल हैं।

“आठ युद्ध समाप्त कराए”, ट्रंप का बड़ा दावा

अदालत के फैसले के कुछ ही घंटों बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा, “मैंने जिन आठ युद्धों को समाप्त कराया, उनमें से पांच को खत्म करने के लिए टैरिफ का इस्तेमाल किया गया। चाहे आपको पसंद हो या नहीं, मैंने बड़े युद्धों का निपटारा किया, जिनमें भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष भी शामिल है, जहां परमाणु युद्ध की आशंका थी।”ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने 10 मई के बाद से 80 से अधिक बार भारत-पाकिस्तान तनाव कम कराने का श्रेय लिया है।

भारत ने तीसरे पक्ष की भूमिका से किया इनकार

हालांकि, India ने लगातार यह कहा है कि Pakistan के साथ उसके संघर्ष को रोकने में किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की भूमिका नहीं रही। भारत का रुख रहा है कि द्विपक्षीय मुद्दों का समाधान सीधे बातचीत से होना चाहिए।

अदालत पर बरसे ट्रंप

ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को “बेहद निराशाजनक” बताते हुए कहा कि उन्हें अदालत के कुछ सदस्यों पर “शर्म” आती है, जिन्होंने देश के हित में निर्णय लेने का साहस नहीं दिखाया।यह मामला अमेरिका की व्यापार नीति और राष्ट्रपति के अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ सकता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी टकराव और तेज होने की संभावना है।