ईरान में हालात गंभीर: इंटरनेट बंदी के बाद मोबाइल सेवाएं भी ठप होने के कगार पर

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 09-01-2026
The situation in Iran is critical: after the internet shutdown, mobile services are also on the verge of collapsing.
The situation in Iran is critical: after the internet shutdown, mobile services are also on the verge of collapsing.

 

तेहरान।

ईरान में जारी राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के बीच संचार सेवाओं पर संकट गहराता जा रहा है। इंटरनेट सेवा पहले ही बंद होने के बाद अब मोबाइल फोन नेटवर्क भी कई इलाकों में ठप होने की कगार पर पहुंच गया है। तुर्की मीडिया संस्थान टीआरटी वर्ल्ड ने शुक्रवार (9 जनवरी) को अपनी रिपोर्ट में बताया कि देश के कई हिस्सों में मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से काम नहीं कर रहा है, जिससे आम नागरिकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इंटरनेट सेवा बंद होने के तुरंत बाद मोबाइल संचार भी प्रभावित होने लगा। हालांकि, ईरानी सरकार की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। संचार सेवाओं में आई इस रुकावट ने देश के भीतर सूचनाओं के आदान-प्रदान को और कठिन बना दिया है।

गौरतलब है कि ईरान में 28 दिसंबर से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। राजधानी तेहरान के ग्रैंड बाज़ार में व्यापारियों ने बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत की थी, जो धीरे-धीरे सभी वर्गों तक फैल गया। बीते 12 दिनों से लगातार चल रहे इस आंदोलन ने अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले लिया है।

गुरुवार रात को हालात और तनावपूर्ण हो गए, जब तेहरान सहित कई शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। बढ़ते विरोध के बीच सरकार की चिंता भी बढ़ती नजर आ रही है।

ईरान में वर्ष 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद इस्लामी गणराज्य की स्थापना हुई थी। लेकिन हालिया घटनाक्रमों से संकेत मिल रहे हैं कि मौजूदा सरकार को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विरोध प्रदर्शनों की तीव्रता और संचार सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों ने हालात को और जटिल बना दिया है।

एक मानवाधिकार संगठन के अनुसार, पिछले 12 दिनों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक कम से कम 38 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा जारी रखती है, तो अमेरिका सीधे हस्तक्षेप कर सकता है और कड़े कदम उठा सकता है।

कुल मिलाकर, ईरान में संचार सेवाओं का ठप होना, बढ़ते विरोध प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय दबाव—तीनों मिलकर देश को एक गंभीर और निर्णायक मोड़ पर ले आते दिख रहे हैं।