The main driving force behind changes in India is economic growth and prosperity: Kwatra
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि भारत में परिवर्तनों की प्राथमिक और मूल प्रेरणा उसका विकास और समृद्धि है और उन्होंने विश्व स्तर पर ‘‘नियंत्रणकारी व्यवस्था’’ की वापसी को चिंता का कारण बताया।
क्वात्रा ने बृहस्पतिवार को हडसन इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित ‘न्यू इंडिया कॉन्फ्रेंस’ को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘भारत में परिवर्तनों की प्राथमिक और मूल प्रेरणा भारत का आर्थिक विकास और समृद्धि ही है।’’
उन्होंने कहा कि भारत ने ऐसे दौर का अनुभव किया है जब देश की विकास आवश्यकताओं के लिए उपभोग उत्पादों, प्रौद्योगिकी, सेवाओं आदि तक पहुंच सीमित रही।
राजदूत ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि नियंत्रणों की यह वापसी, जो व्यापक है और जरूरी नहीं कि किसी वैश्विक या क्षेत्रीय मानक पर आधारित हो... यह भी उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि यह अब एक ऐसा रुझान बनता जा रहा है, जो दुनिया भर में फैल रहा है।’’
उन्होंने कहा कि भारत का आर्थिक विस्तार कई समानांतर परिवर्तनों के साथ आगे बढ़ रहा है, जो देश की दिशा तय कर रहे हैं। देश का आर्थिक विकास ‘‘सात प्रतिशत से अधिक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि’’ से पता चलता है।
क्वात्रा ने कहा कि पहला बड़ा परिवर्तन शासन सुधार है। उन्होंने इसे ‘‘पूर्ण सरकारी परिवर्तन’’ बताया, जो यह सुनिश्चित करता है कि विकास का लाभ व्यापक आबादी तक पहुंचे।
उन्होंने कहा, ‘‘पारदर्शिता... बैंकिंग व्यवस्था से बाहर रही आबादी को शामिल करना, उन्हें वित्तीय सेवाओं तक पहुंच देना... वित्तीय समावेशन इस बदलाव के प्रमुख स्तंभ हैं।’’
क्वात्रा ने कहा कि शासन व्यवस्था ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा सहित कई स्तरों की सुरक्षा जरूरतों को भी पूरा कर रही है और एक समन्वित दृष्टिकोण के माध्यम से लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचा रही है।