इज़राइल-लेबनान युद्धविराम तीन हफ्ते और बढ़ा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 24-04-2026
Israel-Lebanon Ceasefire Extended by Three More Weeks
Israel-Lebanon Ceasefire Extended by Three More Weeks

 

वॉशिंगटन:

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच Donald Trump ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि Israel और Lebanon के बीच युद्धविराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाने पर सहमति बन गई है। यह निर्णय व्हाइट हाउस में हुई उच्च स्तरीय वार्ता के बाद सामने आया, जिसमें दोनों देशों के राजनयिक शामिल हुए।

यह युद्धविराम पहले 10 दिनों के लिए लागू किया गया था, जो अब समाप्त होने वाला था। लेकिन बढ़ते तनाव और संघर्ष को रोकने के प्रयासों के तहत इसे आगे बढ़ा दिया गया है। ट्रम्प ने इस वार्ता को सकारात्मक बताते हुए कहा कि बातचीत “बेहद सफल” रही और इससे शांति की दिशा में उम्मीद जगी है।

ट्रम्प ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका लेबनान के साथ मिलकर काम करेगा ताकि वह खुद को Hezbollah जैसे संगठनों से सुरक्षित रख सके। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में वह इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन से मुलाकात कर सकते हैं, जिससे स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।

व्हाइट हाउस में हुई इस बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति, विदेश मंत्री और कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इज़राइल और लेबनान के राजदूतों ने भी अमेरिका की मध्यस्थता की सराहना की और उम्मीद जताई कि यह प्रयास दोनों देशों के बीच स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करेगा।

लेबनान की ओर से यह भी मांग रखी गई है कि इज़राइल कब्जे वाले इलाकों में घरों को तोड़ना बंद करे और अपनी सेना को वापस बुलाए। इसके अलावा, बंदी बनाए गए लेबनानी नागरिकों की रिहाई और सीमा क्षेत्रों में लेबनानी सेना की तैनाती जैसे मुद्दे भी वार्ता के एजेंडे में शामिल हैं।

हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में एक बड़ी चुनौती Hezbollah की भूमिका है, जिसने इन प्रत्यक्ष वार्ताओं को मानने से इनकार कर दिया है। संगठन के एक वरिष्ठ सदस्य ने स्पष्ट किया कि वह इन समझौतों का पालन नहीं करेगा।

दरअसल, हालिया संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इज़राइल पर रॉकेट दागे, जिसके जवाब में इज़राइल ने लेबनान में व्यापक हवाई हमले और जमीनी कार्रवाई शुरू कर दी। इस संघर्ष में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।

इज़राइली सेना वर्तमान में दक्षिणी लेबनान के कई हिस्सों में बफर ज़ोन बनाकर मौजूद है, जहां से वह संभावित हमलों को रोकने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर, लेबनान सरकार इस संघर्ष को समाप्त करने और पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटा रही है।

हालांकि युद्धविराम लागू होने के बाद भी दोनों पक्षों की ओर से उल्लंघन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। हाल ही में एक पत्रकार की मौत ने भी इस संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह युद्धविराम भले ही अस्थायी राहत दे, लेकिन स्थायी शांति के लिए सभी पक्षों की सहमति और गंभीर प्रयास जरूरी होंगे। फिलहाल, यह समझौता एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में बड़े शांति समझौते की नींव बन सकता है।