वॉशिंगटन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जारी व्यापक सरकार विरोधी प्रदर्शनों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि ईरानी सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों की हत्या करते हैं, तो अमेरिका ईरान पर “भीषण हमला” करेगा। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि मौजूदा हालात में ईरानी सरकार स्वयं गंभीर खतरे में है।
स्थानीय समय के अनुसार शुक्रवार, 9 जनवरी को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान में स्थिति तेजी से बदल रही है और कई शहरों में सरकार का नियंत्रण कमजोर होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा, “ईरान की सरकार इस समय गंभीर खतरे में है। मेरा मानना है कि प्रदर्शनकारियों ने कई शहरों पर कब्जा कर लिया है। कुछ हफ्ते पहले तक ऐसा होना अकल्पनीय था। हम इस स्थिति पर बहुत करीबी नजर बनाए हुए हैं।”
ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका पहले ही ईरान को सख्त संदेश दे चुका है। उन्होंने कहा, “मैंने यह साफ कर दिया है कि यदि ईरानी सरकार ने पहले की तरह प्रदर्शनकारियों को मारना शुरू किया, तो हम हस्तक्षेप करेंगे।” हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसका अर्थ यह नहीं है कि अमेरिकी सेना सीधे ईरान में प्रवेश करेगी। “इसका मतलब यह जरूर है कि हम उन पर बहुत कड़ा प्रहार करेंगे — इतना कड़ा कि उन्हें सबसे अधिक नुकसान होगा। हम ऐसा होते नहीं देखना चाहते,” ट्रंप ने कहा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को “असाधारण” बताते हुए ईरानी नेतृत्व की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरानी सरकार ने वर्षों से अपने ही नागरिकों के साथ अत्यंत खराब व्यवहार किया है और अब जनता उसके खिलाफ खड़ी हो गई है। ट्रंप के अनुसार, “ईरान में जो हो रहा है, वह वाकई असाधारण है। सरकार ने अपने लोगों के साथ बहुत बुरा सलूक किया है और अब उन्हें उसी का जवाब मिल रहा है।”
ईरान में बीते कई दिनों से लगातार सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं, जो राजधानी तेहरान समेत कई बड़े शहरों में फैल चुके हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, गोलीबारी और मौतों की खबरें सामने आई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ गई है। अमेरिका पहले ही ईरान पर मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप लगाता रहा है और अब ट्रंप के ताजा बयान से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप की इस चेतावनी को ईरान के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो पश्चिम एशिया में तनाव एक नए स्तर पर पहुंच सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें ईरान में जारी घटनाक्रम और अमेरिका की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।
स्रोत: टाइम्स ऑफ इज़राइल