Security Council genuinely needs reform, will strive for it: UNSG candidate Bachelet
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद की उम्मीदवार मिशेल बाचेलेत ने कहा है कि सुरक्षा परिषद में वास्तव में सुधार और स्थायी तथा अस्थायी दोनों श्रेणियों में अधिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है और इसे प्राप्त करने की दिशा में वह काम करेंगी।
चिली की पूर्व राष्ट्रपति मिशेल बाचेलेत संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के चार उम्मीदवारों में से एक हैं।
वर्तमान संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस 31 दिसंबर को अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। उन्होंने लगातार पांच वर्ष के दो कार्यकाल में दुनिया के शीर्ष राजनयिक के रूप में सेवाएं दी हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों और भारत जैसे विकासशील देशों की स्थायी सदस्य के रूप में इस शक्तिशाली मंच पर मौजूदगी के संबंध में पूछे गए ‘पीटीआई’ के एक प्रश्न के उत्तर में बाचेलेट ने मंगलवार को यहां कहा, "मुझे लगता है कि सुरक्षा परिषद में सुधार की वास्तव में आवश्यकता है।"
भारत वर्षों से सुरक्षा परिषद में सुधारों की मांग करने में अग्रणी रहा है, जिसमें इसके स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों का विस्तार शामिल है। भारत का कहना है कि 1945 में स्थापित 15 देशों की परिषद 21वीं सदी के लिए उपयुक्त नहीं है और समकालीन भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित नहीं करती है।
बाचेलेत ने कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार का निर्णय संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को लेना है।
उन्होंने 2024 में विश्व नेताओं द्वारा अपनाए गए भविष्य के समझौते का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘लेकिन मुझे लगता है कि एक अवसर है।’’