रियाद:
सऊदी अरब ने मंगलवार को ईरान की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे सऊदी तेल टैंकर 'वेदयान' को निशाना बनाया। सऊदी विदेश मंत्रालय ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि ईरान इन हमलों और उनके परिणामों के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है।
सऊदी अरब ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने कतर के तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) टैंकर 'अल-रेकय्यात' को भी निशाना बनाया। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए गंभीर चुनौती हैं।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि ईरान की ओर से लगातार किए जा रहे ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय कानून, स्थापित वैश्विक मानकों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव का उल्लंघन हैं, जो समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता और सुरक्षित आवागमन की गारंटी देता है। सऊदी अरब ने ईरान से तत्काल ऐसे सभी कदम रोकने की मांग की है, जो क्षेत्रीय स्थिरता, अंतरराष्ट्रीय नौवहन और ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डालते हैं।
समुद्री निगरानी एजेंसियों के अनुसार, मंगलवार को कुछ ही घंटों के अंतराल में तीन टैंकरों पर हमले हुए, जिनमें सऊदी अरब का 'वेदयान' और कतर का 'अल-रेकय्यात' भी शामिल थे। इन घटनाओं ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले अमेरिका और ईरान के बीच हुए नाजुक युद्धविराम के बाद ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर लगाया गया अवरोध हटाया था और कुछ समय तक स्थिति अपेक्षाकृत शांत रही थी।
इसी बीच कतर ने भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। दोहा ने ईरान के उप राजदूत को तलब कर आधिकारिक विरोध दर्ज कराया और इस घटना पर स्पष्टीकरण मांगा। कतर के विदेश मंत्रालय ने एक राजनयिक नोट सौंपते हुए ईरान से क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाली गतिविधियों को तुरंत बंद करने तथा अंतरराष्ट्रीय नौवहन और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डालने वाले कदमों से बचने की मांग की।
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि किसी भी वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। उनके अनुसार, ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन हैं।
उधर, क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर हमलों के बाद ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है। साथ ही, अमेरिका ने ईरान को सीमित तेल निर्यात की अनुमति देने वाली अंतरिम छूट भी वापस लेने की घोषणा की है।
इन घटनाओं के बीच ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों के तहत इराक के पवित्र शहर नजफ ले जाया गया, जहां श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया।
इन घटनाक्रमों के बाद पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति और वैश्विक ऊर्जा बाजार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, इन आरोपों पर ईरान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।