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यूक्रेन के पावलोहराद ज़िले में शनिवार को हुए एक रूसी ड्रोन हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। खदान कर्मियों को ले जा रही एक कंपनी बस को निशाना बनाए जाने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह जानकारी यूक्रेन की स्टेट इमरजेंसी सर्विस ने दी है।
आपातकालीन सेवा द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान के अनुसार, ड्रोन हमले के बाद बस में आग लग गई थी, जिसे दमकल कर्मियों ने समय रहते बुझा दिया। पहले मृतकों की संख्या 12 बताई गई थी, लेकिन बाद में अधिकारियों ने पुष्टि की कि मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 15 हो गया है। सभी घायल व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
नागरिकों को बनाया गया निशाना
यह हमला Pavlohrad ज़िले में स्थित डीटीईके (DTEK) कोयला संयंत्र के पास हुआ। बस खनिकों को ड्यूटी पर ले जा रही थी। इस घटना पर डीटीईके के सीईओ Maxim Timchenko ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे “पूरी तरह नागरिक लक्ष्य पर किया गया अकारण आतंकवादी हमला” बताया।
उन्होंने कहा कि रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद यह डीटीईके कर्मचारियों की जान जाने की सबसे बड़ी एकल घटना है। टिमचेंको ने इसे कंपनी के इतिहास के “सबसे काले दिनों में से एक” करार दिया और कहा कि डीटीईके की टीमें आपात सेवाओं के साथ मिलकर घायलों और मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही हैं।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने जताया शोक
यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने भी इस हमले पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ड्नीप्रो क्षेत्र के टेर्निवका इलाके में रूसी ड्रोन ने आम नागरिकों से भरी बस को निशाना बनाया, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई। राष्ट्रपति ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और बताया कि उन्होंने देश के सभी क्षेत्रों की स्थिति को लेकर एक समन्वय बैठक भी की है।
शांति वार्ता की कोशिशें जारी
इस दर्दनाक घटना के बीच राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों पर भी अपडेट दिया। उन्होंने घोषणा की कि यूक्रेन, रूस और अमेरिका के बीच अगली त्रिपक्षीय बैठक 4 और 5 फरवरी को Abu Dhabi में आयोजित होगी।
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ठोस और सार्थक बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है और उसकी कोशिश है कि इन बैठकों का परिणाम युद्ध के सम्मानजनक और स्थायी अंत की दिशा में कदम साबित हो।यह हमला एक बार फिर इस युद्ध में आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक चेतावनी है कि शांति प्रयासों की जरूरत पहले से कहीं ज़्यादा बढ़ गई है।




