दिल्ली / वॉशिंगटन
“मैं यौन अपराधी नहीं हूं, लेकिन मैं एक अपराधी हूं।”
यह चौंकाने वाला बयान कुख्यात फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन ने 2011 में न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में दिया था। बाद के वर्षों में सामने आए तथ्य साबित करते हैं कि यह आत्मस्वीकृति, उसके अंधेरे जीवन की एक झलक भर थी।
रहस्यमयी उभार और अपार दौलत
न्यूयॉर्क में जन्मे एपस्टीन ने 1970 के दशक में प्रतिष्ठित डाल्टन स्कूल में गणित और भौतिकी पढ़ाई। बिना डिग्री पूरी किए ही, वह वॉल स्ट्रीट की दुनिया में दाखिल हुआ और जल्द ही निवेश बैंक बेयर स्टर्न्स में पार्टनर बन गया। 1982 में उसने जे. एपस्टीन एंड कंपनी की स्थापना की, जिसने कथित तौर पर अरबपतियों की संपत्ति का प्रबंधन किया।
कुछ ही वर्षों में एपस्टीन के पास न्यूयॉर्क का सबसे बड़ा निजी आवास, फ्लोरिडा में आलीशान कोठी, न्यू मैक्सिको में फार्महाउस और निजी जेट्स का बेड़ा था।
सत्ता, सितारे और संदिग्ध रिश्ते
एपस्टीन के संपर्कों में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, बिल क्लिंटन, हॉलीवुड सितारे और वैश्विक प्रभावशाली लोग शामिल थे। 2002 में ट्रम्प ने एक इंटरव्यू में एपस्टीन को “बहुत अच्छा इंसान” कहा था—हालांकि बाद में ट्रम्प ने दावा किया कि उन्होंने उससे वर्षों पहले संबंध तोड़ लिए थे।
ब्रिटेन के शाही परिवार से जुड़े प्रिंस एंड्रयू के साथ एपस्टीन की तस्वीरों और संबंधों ने अंतरराष्ट्रीय विवाद को जन्म दिया, जिसका असर वर्षों बाद भी दिखा।
यौन शोषण के आरोप और “सदी का सौदा”
2005 में फ्लोरिडा में 14 वर्षीय लड़की के यौन शोषण की शिकायत ने एपस्टीन के अपराधों की परतें खोल दीं। जांच में दर्जनों नाबालिग पीड़ित सामने आए। बावजूद इसके, 2008 में अभियोजकों से हुए एक विवादित समझौते के तहत उसे सिर्फ 18 महीने की सजा मिली—वह भी “वर्क-रिलीज़” जैसी ढील के साथ।
इस सौदे को मीडिया ने “सदी का सौदा” कहा, क्योंकि इससे संभावित आजीवन कारावास से एपस्टीन बच निकला।
दोबारा गिरफ्तारी और रहस्यमयी मौत
6 जुलाई 2019 को एपस्टीन को न्यूयॉर्क लाया गया और नाबालिगों की यौन तस्करी के संघीय आरोपों में गिरफ्तार किया गया। जमानत नामंजूर होने के बाद उसे मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल सेंटर में रखा गया।
10 अगस्त 2019 को जेल में उसकी मौत हो गई। आधिकारिक तौर पर इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन सुरक्षा चूक और परिस्थितियों ने कई सवाल खड़े किए। मुकदमा शुरू होने से पहले ही उसकी मौत ने पीड़ितों को न्याय से वंचित कर दिया।
मैक्सवेल मामला और अधूरा सच
एपस्टीन की करीबी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल को 2021 में यौन तस्करी का दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा सुनाई गई। अदालत ने माना कि उसने नाबालिग लड़कियों को एपस्टीन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
क्यों आज भी गूंजता है एपस्टीन कांड?
2025 में अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित “एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट” के बाद कुछ दस्तावेज़ सार्वजनिक हुए, लेकिन कई अब भी गोपनीय हैं। विपक्ष का आरोप है कि सच्चाई अब भी अधूरी है।
एपस्टीन कांड आज भी सत्ता, धन और न्याय व्यवस्था के खतरनाक गठजोड़ की याद दिलाता है—जहां सच सामने आने से पहले ही एक आरोपी की मौत हो गई, और कई सवाल हमेशा के लिए अनुत्तरित रह गए।




