116 protests in 22 provinces in Iran in a single day, movement intensifies despite internet shutdown: report
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
ईरान में विरोध प्रदर्शनों की तीव्रता लगातार बढ़ती जा रही है। एक नीति शोध संगठन, इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) की रिपोर्ट के अनुसार, 8 जनवरी को स्थानीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे के बाद से देश के 22 प्रांतों में कुल 116 प्रदर्शन दर्ज किए गए। इनमें से 20 प्रदर्शन ऐसे थे, जिनमें एक हजार से अधिक लोगों की भागीदारी बताई गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरानी सरकार द्वारा देशव्यापी इंटरनेट बंदी लगाए जाने के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी हैं। ISW ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि इंटरनेट शटडाउन के कारण प्रदर्शनों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि प्रदर्शनकारियों के लिए वीडियो और सूचनाएं साझा करना बेहद मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट के जरिए विदेशी मीडिया तक सूचनाएं पहुंचा रहे हैं।
थिंक टैंक के मुताबिक, प्रदर्शन इतने व्यापक हो चुके हैं कि वे ईरानी सुरक्षा बलों की इन्हें दबाने की क्षमता को चुनौती देने लगे हैं। 8 और 9 जनवरी को कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने सरकारी संस्थानों को नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि स्थानीय कानून प्रवर्तन बलों पर दबाव बढ़ने के चलते सरकार अब विरोध को कुचलने के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स पर अधिक निर्भर हो सकती है।
प्रसिद्ध ईरानी पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद ने दावा किया कि 90 मिलियन ईरानियों के लिए 24 घंटे से अधिक समय से इंटरनेट बंद है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट इस आंदोलन की जीवनरेखा है और स्टारलिंक जैसी सेवाओं ने लोकतंत्र की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरानी सरकार द्वारा देशव्यापी इंटरनेट बंदी लगाए जाने के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी हैं। ISW ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि इंटरनेट शटडाउन के कारण प्रदर्शनों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि प्रदर्शनकारियों के लिए वीडियो और सूचनाएं साझा करना बेहद मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट के जरिए विदेशी मीडिया तक सूचनाएं पहुंचा रहे हैं।
थिंक टैंक के मुताबिक, प्रदर्शन इतने व्यापक हो चुके हैं कि वे ईरानी सुरक्षा बलों की इन्हें दबाने की क्षमता को चुनौती देने लगे हैं। 8 और 9 जनवरी को कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने सरकारी संस्थानों को नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि स्थानीय कानून प्रवर्तन बलों पर दबाव बढ़ने के चलते सरकार अब विरोध को कुचलने के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स पर अधिक निर्भर हो सकती है।
प्रसिद्ध ईरानी पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद ने दावा किया कि 90 मिलियन ईरानियों के लिए 24 घंटे से अधिक समय से इंटरनेट बंद है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट इस आंदोलन की जीवनरेखा है और स्टारलिंक जैसी सेवाओं ने लोकतंत्र की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई है।