वॉशिंगटन डीसी
अमेरिका और Iran के बीच बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक स्तर पर सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक सहमति बनती दिख रही है, जिससे लंबे समय से चली आ रही तनातनी कम हो सकती है।
फ्लोरिडा एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “हमारी बहुत अहम बातचीत हुई है। देखते हैं आगे क्या होता है, लेकिन प्रमुख मुद्दों पर हम काफी हद तक सहमत हैं। हम लगभग हर महत्वपूर्ण विषय पर एक राय बना चुके हैं।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच आगे भी बातचीत जारी रहेगी और संभवतः उसी दिन फिर से फोन पर चर्चा हो सकती है।
ट्रंप के मुताबिक, ईरान भी समझौते के लिए इच्छुक नजर आ रहा है और अमेरिका भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में दोनों देशों के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली थी।
दरअसल, कुछ दिन पहले ट्रंप ने Strait of Hormuz को लेकर सख्त चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि 48 घंटे के भीतर इस जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए नहीं खोला गया, तो ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले किए जा सकते हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पूरी तरह बंद करने की धमकी दी थी, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई थी।
अब ट्रंप के ताजा बयान से संकेत मिलते हैं कि दोनों पक्ष तनाव कम करने और किसी स्थायी समाधान की दिशा में बढ़ने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल अमेरिका ईरान के बिजली और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला नहीं करेगा।
इस बीच, European Union की विदेश नीति प्रमुख काज़ा कलास ने इस कूटनीतिक पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि ऊर्जा और नागरिक ढांचे पर हमले रुकते हैं, तो क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने में मदद मिल सकती है।
साथ ही, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने भी तनाव कम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल ब्रिटेन पर सीधे हमले का कोई खतरा नहीं है, लेकिन स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं। कतर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अब्दुल्ला अल-एतैबी के अनुसार, अगले शुक्रवार तक की अवधि इस पूरे संकट के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।