ईरान समर्थित मिलिशिया के हमले, अमेरिका ने नागरिकों को चेताया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 24-03-2026
Attacks by Iran-backed militias; US immediately warns citizens.
Attacks by Iran-backed militias; US immediately warns citizens.

 

 

 

वॉशिंगटन डीसी

US Department of State ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि Iraq में ईरान समर्थित मिलिशिया समूह अमेरिकी नागरिकों और अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर लगातार हमले कर रहे हैं। हालात को देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों से तत्काल इराक छोड़ने की अपील की है।

विदेश विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि ये हमले पूरे इराक में, खासकर इराकी कुर्दिस्तान क्षेत्र (IKR) में भी हो रहे हैं। विभाग ने साफ तौर पर कहा, “अमेरिकी नागरिक किसी भी कारण से इराक की यात्रा न करें और जो लोग वहां मौजूद हैं, वे तुरंत देश छोड़ दें।”

सुरक्षा स्थिति को गंभीर बताते हुए अमेरिका ने यह भी निर्देश दिया है कि नागरिक बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास या एरबिल स्थित वाणिज्य दूतावास जाने की कोशिश न करें, क्योंकि इराक के हवाई क्षेत्र में मिसाइल, ड्रोन और रॉकेट हमलों का खतरा बना हुआ है। सभी नियमित वीजा और कांसुलर सेवाएं फिलहाल निलंबित कर दी गई हैं।

हालांकि, US Embassy Baghdad सीमित स्टाफ के साथ खुला है और आपात स्थिति में नागरिकों की मदद के लिए काम कर रहा है। अमेरिकी नागरिकों को आपात स्थिति में ईमेल के जरिए संपर्क करने की सलाह दी गई है।

इससे पहले भी अमेरिकी विदेश विभाग ने वैश्विक स्तर पर अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की थी। इसमें खासतौर पर मध्य पूर्व में रह रहे अमेरिकियों को सतर्क रहने को कहा गया था। विभाग के अनुसार, ईरान समर्थक समूह दुनिया भर में अमेरिकी हितों और नागरिकों को निशाना बना सकते हैं।

चेतावनी में यह भी कहा गया है कि कई जगहों पर हवाई क्षेत्र बंद हो सकता है, जिससे यात्रा प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, अमेरिका के राजनयिक ठिकानों को भी निशाना बनाए जाने की आशंका जताई गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते सुरक्षा स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। ऐसे में इराक और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले विदेशी नागरिकों के लिए खतरा बढ़ गया है।अमेरिका की यह चेतावनी इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में संघर्ष अब व्यापक रूप ले सकता है और इसके प्रभाव केवल स्थानीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महसूस किए जा सकते हैं।