Nothing will change, India will have to pay the tariffs: Trump after the court's decision
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने व्यापक शुल्कों के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का फैसला आने पर कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौते में ‘‘कुछ नहीं बदलेगा’’ और भारत को शुल्क देना होगा।
दरअसल अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने ट्रंप द्वारा कई देशों के खिलाफ लगाए गए व्यापक शुल्क वृद्धि के आदेशों को शुक्रवार को रद्द कर दिया जिसे ट्रंप ने निराशाजनक करार दिया। साथ ही उन्होंने अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद कहा कि वह वैश्विक स्तर पर 10 प्रतिशत शुल्क लागू करने के लिए एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे।
ट्रंप ने संवाददाता सम्मेलन में एक बार फिर अपना दावा दोहराया कि उन्होंने पिछले साल गर्मियों में शुल्क की धमकी देकर भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाया था। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने उनके अनुरोध पर रूसी तेल की खरीद में काफी कमी की है।
ट्रंप ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले का वाशिंगटन और नयी दिल्ली के बीच इस महीने की शुरुआत में घोषित व्यापार समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा, साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अपने ‘‘अच्छे’’ संबंधों पर भी चर्चा की।
यह पूछे जाने पर कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद भारत के साथ व्यापार समझौते की रूपरेखा की स्थिति क्या होगी, इस पर ट्रंप ने कहा, ‘‘कुछ नहीं बदलेगा।’’ इस समझौते पर हस्ताक्षर जल्द होने की संभावना है।
उन्होंने कहा “कोई बदलाव नहीं होगा। वे (भारत) शुल्क का भुगतान करेंगे और हम शुल्क नहीं देंगे। इसलिए भारत के साथ समझौता यही है कि वह शुल्क देगा यह पहले की स्थिति से उलट है। मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी सज्जन व्यक्ति हैं, लेकिन वह अमेरिका के उन लोगों से कहीं ज्यादा होशियार थे जिनसे वह वार्ता कर रहे थे, वह हमसे अनुचित फायदा उठा रहे थे। इसलिए हमने भारत के साथ एक समझौता किया। अब यह एक निष्पक्ष समझौता है और हम उन्हें शुल्क नहीं दे रहे हैं, जबकि वे शुल्क दे रहे हैं। हमने थोड़ा बदलाव किया।’’
ट्रंप ने कहा, “भारत के साथ समझौता जारी है… सभी समझौते जारी हैं, हम बस इसे एक अलग तरीके से करेंगे।”
भारत के साथ अपने संबंधों पर एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि भारत के साथ मेरे संबंध शानदार हैं और हम भारत के साथ व्यापार कर रहे हैं। भारत रूस से अलग हो गया है। भारत अपना तेल रूस से ले रहा था और मेरे अनुरोध पर उसने इसमें काफी कमी की, क्योंकि हम उस भयानक युद्ध को समाप्त करना चाहते हैं, जिसमें हर महीने 25,000 लोग मारे जा रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ मेरे संबंध ‘‘मैं कहूंगा, बहुत अच्छे’’ हैं।
इसके बाद ट्रंप ने प्रेस वार्ता के दौरान दो बार यह दावा दोहराया कि उन्होंने शुल्क के जरिए भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध भी रुकवाया। जैसा कि आप जानते हैं, 10 विमान गिराए गए थे। युद्ध हो रहा था और संभवतः परमाणु युद्ध में बदल सकता था। और कल ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें रोककर 3.5 करोड़ लोगों की जान बचाई।’’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘और मैंने यह मुख्य रूप से शुल्क के जरिए किया। मैंने कहा, ‘देखिए, आप लड़ना चाहते हैं तो ठीक है, लेकिन आप अमेरिका के साथ व्यापार नहीं करेंगे और आप दोनों देशों पर 200 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा।’ तब उन्होंने फोन किया और कहा, ‘हमने शांति कायम करने पर सहमति बना ली है।’’’
बृहस्पतिवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गाजा पर ट्रंप के ‘‘बोर्ड ऑफ पीस’’ की उद्घाटन बैठक में भाग लिया। उस बैठक में ट्रंप ने कहा था कि यदि भारत और पाकिस्तान ने लड़ाई नहीं रोकी होती तो वह दोनों पर 200 प्रतिशत शुल्क लगा देते और उन्होंने फिर दोहराया कि उन्होंने दो परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों के बीच युद्ध रुकवाया।