ट्रम्प का दावा: ईरान पर जल्द हो सकती है नई अमेरिकी कार्रवाई

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 22-10-2026
"Not negotiating": Trump says "something will happen fairly soon" with Iran, as US mulls fresh strikes

 

वाशिंगटन डीसी [US]

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार (स्थानीय समय) को कहा कि अमेरिका, ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं कर रहा है और "बहुत जल्द" कुछ न कुछ होने वाला है। अमेरिकी समाचार नेटवर्क 'न्यूजनेशन' की व्हाइट हाउस संवाददाता लिब्बी डीन से बात करते हुए, जब ट्रम्प से तेहरान के साथ बातचीत में हो रही प्रगति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कुछ हलचल होने की बात तो मानी, लेकिन यह भी कहा कि नतीजा अभी अनिश्चित है। जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान के साथ बातचीत चल रही है, तो ट्रम्प ने कहा, "थोड़ी-बहुत, लेकिन देखते हैं आगे क्या होता है।"
 
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने ईरानी सरकार के साथ बातचीत करना बंद कर दिया है, ट्रम्प ने कहा, "नहीं, मुझे नहीं लगता कि हम बातचीत कर रहे हैं... लेकिन किसी न किसी तरह से कुछ न कुछ जरूर होगा। यह बहुत जल्द होने वाला है।" उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोगों को उम्मीद है कि अमेरिकी चुनाव के बाद कुछ घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने कहा, "ज्यादातर लोगों को लगता है कि यह चुनाव के बाद होगा, अब देखते हैं कि क्या होता है।"
 
ट्रम्प ने ईरान के प्रति अपने प्रशासन के रुख की तारीफ करते हुए कहा, "लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि हमने ईरान के मामले में जो किया है, वह कमाल का है।" इस इंटरव्यू में, ट्रम्प ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच की स्थिति को "ईरान के खिलाफ एक तरह का संघर्ष" बताया और कहा कि अमेरिका सैन्य और आर्थिक, दोनों मोर्चों पर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमारे प्रतिबंधों ने वहां की असली डील को खत्म कर दिया है। लेकिन हम ईरान के खिलाफ सैन्य और आर्थिक रूप से बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।"
 
ट्रम्प ने यह स्पष्ट नहीं किया कि "बहुत जल्द" किस तरह की कार्रवाई या घटनाक्रम होने की उम्मीद है, और न ही उन्होंने ईरान के प्रति अमेरिका की अगली रणनीति के लिए कोई निश्चित समय-सीमा बताई। हालांकि, यह बात 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की एक रिपोर्ट के बीच सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि अमेरिका और इजरायल ने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों (मिडटर्म इलेक्शन) के बाद ईरान पर नए सिरे से हमले करने की योजना तैयार की है। वहीं, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच तेहरान ने एक ऐसे हथियार का खुलासा करने की धमकी दी है, जिसे वह "सभी बमों का पिता" (फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स) कहता है।
 
'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के अनुसार, अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे, परमाणु सुविधाओं, और मिसाइल व ड्रोन जखीरे को निशाना बनाने के लिए एक छोटे लेकिन सघन (इंटेंसिव) ऑपरेशन की खास योजनाएं तैयार की हैं। अमेरिकी अधिकारियों और इस चर्चा की जानकारी रखने वाले अन्य लोगों का हवाला देते हुए, रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों सेनाओं ने अपने युद्धाभ्यास तेज कर दिए हैं। इसमें इराक के ऊपर विमान उड़ाकर हमले का अभ्यास करना भी शामिल है।
 
एक समाचार रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इस सप्ताह इजरायल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की, जिसमें संभावित नए हमलों पर चर्चा की गई। कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना ​​है कि हमलों का एक और दौर ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह तबाह कर सकता है और लगभग आठ महीने के संघर्ष के बाद तेहरान को कूटनीतिक समझौते के लिए मजबूर कर सकता है।
 
नए हमलों की संभावना के बीच, ईरान ने चेतावनी दी है कि वह किसी भी नई सैन्य कार्रवाई का जवाब देगा। ईरान के सरकारी मीडिया आउटलेट 'स्टूडेंट न्यूज नेटवर्क' (SNN) के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने कहा, "अमेरिका के पास 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' (सभी बमों की जननी) है। हम उन्हें 'फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' (सभी बमों का जनक) दिखाएंगे, और यह निश्चित रूप से उनके लिए कुछ नया होगा।" हालांकि, तेहरान ने इस हथियार के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है और न ही यह स्पष्ट किया है कि इस धमकी का असल मतलब क्या है।
 
यह चेतावनी उन रिपोर्टों के बाद आई है जिनमें कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की 'पिकएक्स माउंटेन' परमाणु सुविधा (जो जमीन में बहुत गहराई में स्थित है) के खिलाफ 22,000 पाउंड वजनी GBU-43/B 'मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट' (MOAB) - जिसे 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' कहा जाता है - का इस्तेमाल करने पर विचार किया है। 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के अनुसार, अमेरिका एक बड़ी सैन्य ताकत जुटा रहा है, जिसके नवंबर की शुरुआत तक पूरी तरह तैनात हो जाने की उम्मीद है। इसमें तीन एयरक्राफ्ट कैरियर, हजारों मरीन सैनिक, लड़ाकू विमान और स्पेशल ऑपरेशंस फोर्स शामिल हैं। अधिकारियों ने कुछ राजनीतिक कारणों का हवाला दिया है, जिनकी वजह से इस ऑपरेशन में देरी हो सकती है। इनमें ट्रंप का वह पुराना वादा भी शामिल है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमला नहीं करेंगे।
 
इस बीच, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इस स्थिति को तेहरान के लिए एक बड़ी चुनौती बताया है। ईरानी संसद में अपने संबोधन में पेजेशकियान ने कहा, "हमने जो समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किया था, वह बहुत अच्छा था; हमने बदले में कुछ भी नहीं दिया था। मौजूदा हालात न तो हमारे लिए, न ही इस क्षेत्र के लिए और न ही पूरी दुनिया के लिए अच्छे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "हम किसी सामान्य चुनौती का नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं। अमेरिका को नहीं लगा था कि हम दबाव और युद्ध के बावजूद डटे रहेंगे, लेकिन हम डटे रहे और आगे भी डटे रहेंगे।" SNN के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि ने यह भी आरोप लगाया कि "ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों में लक्ष्यों की पहचान करने और उन्हें निशाना बनाने के लिए स्टारलिंक का इस्तेमाल किया गया है... इन हमलों में देश के अंतरिक्ष और वैज्ञानिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है।"