अबूजा [नाइजीरिया]
नाइजीरिया ने फेडरल कैपिटल टेरिटरी (FCT) में इबोला बुंडीबुग्यो वायरस (Ebola Bundibugyo virus) के एक ऐसे मामले की पुष्टि की है जो बाहर से आया है। इस मामले के संपर्क में आए 44 लोगों की पहचान कर ली गई है और उन पर निगरानी रखी जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि 15 मई, 2026 को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इस बीमारी के फैलने की घोषणा के बाद, नाइजीरिया इस वायरस का पता लगाने वाला पांचवां देश बन गया है। नाइजीरिया के संघीय स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण मंत्रालय के अनुसार, मरीज एक महिला है जो हाल ही में युगांडा से नाइजीरिया आई थी। देश में आने के चार दिन बाद, 7 अक्टूबर को उसमें लक्षण दिखने शुरू हुए और 11 अक्टूबर को उसने अबूजा के एक निजी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराया।
20 अक्टूबर को प्रयोगशाला जांच में बुंडीबुग्यो वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई। मरीज अभी आइसोलेशन में है और उसका इलाज चल रहा है। साथ ही, संक्रमण के स्रोत का पता लगाने और उसकी पूरी यात्रा तथा संपर्क इतिहास (travel and exposure history) की जांच की जा रही है। मंत्रालय ने 44 ऐसे लोगों की पहचान की है जो मरीज के संपर्क में आए थे। स्वास्थ्य अधिकारी इन लोगों पर नजर रख रहे हैं और साथ ही उन अन्य लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं जो इस वायरस के संपर्क में आ सकते हैं। जिस निजी स्वास्थ्य केंद्र में मरीज ने इलाज कराया था, वहां भी संक्रमण रोकने और नियंत्रण के उपायों को मजबूत किया जा रहा है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नाइजीरिया सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने इस स्थिति से निपटने के लिए अपना 'इंसिडेंट मैनेजमेंट सिस्टम' (incident management system) सक्रिय कर दिया है। WHO और उसके सहयोगी संगठन, नाइजीरियाई स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर मामलों की जांच, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग (संपर्क में आए लोगों का पता लगाना) और संक्रमण रोकने के उपायों को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। इस सहयोग में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) सहित जरूरी सामान उपलब्ध कराना भी शामिल है।
WHO ने इस क्षेत्र के सभी देशों से पूरी तरह तैयार रहने को कहा है, क्योंकि DRC में यह बीमारी लगातार फैल रही है। प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि हाल के हफ्तों में केन्या में भी बाहर से आए एक मामले से जुड़े नौ मामले सामने आए हैं। देशों को सलाह दी गई है कि वे बीमारी की निगरानी (surveillance) को मजबूत करें, यह सुनिश्चित करें कि प्रयोगशालाएं संदिग्ध मामलों की सुरक्षित जांच कर सकें, रैपिड रिस्पॉन्स और क्लिनिकल टीमों को तैयार रखें, सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य केंद्रों में संक्रमण रोकने के उपायों को पुख्ता करें, और जरूरी सामान का स्टॉक रखें। WHO ने प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी बढ़ाने और समुदायों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने का भी आह्वान किया, ताकि बीमारी का जल्द पता लगाया जा सके और इसके आगे प्रसार को रोका जा सके।
संगठन ने प्रभावित देशों पर यात्रा या व्यापार संबंधी प्रतिबंध न लगाने की सलाह दी और कहा कि वह ऐसी किसी भी कार्रवाई पर नज़र रख रहा है और ज़रूरत पड़ने पर उनकी पुष्टि भी कर रहा है। WHO ने कहा कि जैसे-जैसे नई जानकारी मिलेगी, इस प्रकोप के जोखिम का उसका आकलन नियमित रूप से अपडेट किया जाएगा।