आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उत्तर कोरिया ने 5,000 टन वजन वाला एक विध्वंसक युद्धपोत अपनी नौसेना में शामिल किया है और देश के नेता किम जोंग उन ने इसे देश की बढ़ती नौसैनिक और परमाणु क्षमताओं का प्रतीक बताया है। सरकारी मीडिया की खबर में यह जानकारी दी गई।
उत्तर कोरिया की ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ की खबर के अनुसार किम ने मंगलवार को पश्चिमी बंदरगाह नाम्पो में आयोजित एक समारोह में कहा कि ‘चोए ह्योन’ जैसे युद्धपोत यह दिखाते हैं कि उनकी नौसेना का परमाणु सशक्तीकरण योजना के मुताबिक हो रहा है।
केसीएनए की खबर के अनुसार, समारोह के बाद चोए ह्योन को औपचारिक रूप से उत्तर कोरिया की नौसेना में सेवा के लिए तैनात कर दिया गया और इसे देश के पश्चिमी तट की रक्षा करने का जिम्मा सौंपा जाएगा।
अप्रैल 2025 में इस जहाज को पहली बार दुनिया के सामने लाने के बाद से ही, किम इसे अपनी सेना की परिचालन पहुंच और पहले हमला करने की क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताते रहे हैं।
केसीएनए की खबर में कहा गया कि यह युद्धपोत विमान-रोधी और जहाज-रोधी हथियारों के साथ-साथ परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल सहित कई तरह की प्रणालियों से लैस है।
उत्तर कोरिया की इसके अलावा एक बड़ा, 10 हजार टन का विध्वंसक युद्धपोत बनाने की भी अलग योजना है।
साल 2019 में अमेरिक के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी परमाणु कूटनीति के विफल होने के बाद से, किम ने अपने परमाणु शस्त्रागार के विस्तार को तेज कर दिया है और रूस तथा चीन के साथ संबंध मजबूत किए हैं।