ढाका
बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव दर्ज करते हुए बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के अध्यक्ष Tarique Rahman आज प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। वर्ष 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina के पदच्युत होने के बाद यह पहला आम चुनाव था, जिसमें BNP ने भारी बहुमत हासिल कर सत्ता में वापसी की है।
तारिक रहमान, पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत Khaleda Zia के पुत्र हैं। 17 वर्षों के निर्वासन के बाद देश लौटे रहमान ने पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलाई। 12 फरवरी को हुए चुनाव में 300 सदस्यीय संसद में BNP ने 151 से अधिक सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया। चुनाव आयोग के अनुसार, BNP-नेतृत्व वाले गठबंधन को कुल 212 सीटें मिलीं, जबकि जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 77 सीटें हासिल कीं। शेख हसीना की अवामी लीग को इस चुनाव में भाग लेने से रोका गया था।
शपथ ग्रहण समारोह आज सुबह संसद भवन में सांसदों के लिए और शाम 4 बजे मंत्रिपरिषद के लिए आयोजित किया जाएगा। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष Om Birla इस समारोह में प्रतिनिधित्व करेंगे। भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि यह सहभागिता भारत और बांग्लादेश के बीच गहरी और ऐतिहासिक मित्रता को रेखांकित करती है तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हालांकि, भारतीय प्रधानमंत्री और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के समारोह में शामिल होने की संभावना नहीं है।
इस राजनीतिक परिवर्तन के बीच संवैधानिक सुधार परिषद के गठन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ प्रस्तावित सुधारों को लागू करने के लिए जुलाई नेशनल चार्टर के तहत एक परिषद बनाने की चर्चा है। हालांकि BNP के कई नेताओं का मानना है कि मौजूदा संविधान में केवल सांसदों के शपथ ग्रहण का प्रावधान है और किसी अतिरिक्त परिषद का उल्लेख नहीं है। पार्टी ने संवैधानिक सुधार से जुड़े आदेश की वैधता पर भी सवाल उठाए हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश एक नए राजनीतिक अध्याय की ओर बढ़ रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर होंगी कि नई सरकार आर्थिक स्थिरता, संवैधानिक सुधार और क्षेत्रीय कूटनीति के मोर्चे पर किस तरह आगे बढ़ती है।





