Nepal projected to receive 200 mm rain next week as impact of cyclonic storm developing in Bay of Bengal
काठमांडू [नेपाल]
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी में बन रहे एक चक्रवाती तूफान के असर से अगले हफ्ते नेपाल में 200 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक बिनोद पोखरेल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया है कि अगले बुधवार से रविवार के बीच होने वाली बारिश के दौरान 200 मिलीमीटर से ज्यादा पानी बरस सकता है।
उन्होंने फेसबुक पर लिखा, "मैं जिन पूर्वानुमानों को देख रहा हूँ, उनसे पता चलता है कि आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में कुल बारिश 200 मिलीमीटर से ज्यादा हो सकती है। इसका मतलब यह नहीं है कि यह सारी बारिश एक ही दिन में हो जाएगी। बारिश की मात्रा, समय और प्रभावित होने वाले इलाकों में अभी बदलाव भी हो सकता है।"
200 मिलीमीटर बारिश के असर को और स्पष्ट करते हुए पोखरेल कहते हैं कि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि बारिश कब और कहाँ होती है, और उस समय के हालात क्या हैं। उन्होंने चेतावनी दी, "मानसून के दौरान भी, इतने कम समय में इतनी ज्यादा बारिश खतरनाक हो सकती है। अभी धान की कटाई का समय है और बहुत से लोग हिमालयी क्षेत्रों की यात्रा भी कर रहे हैं, ऐसे में इसके नतीजे और भी गंभीर हो सकते हैं।"
उन्होंने आगे लिखा, "ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी, कड़ाके की ठंड और हिमस्खलन (एवलांच) का खतरा बढ़ सकता है। कृपया मौसम की जानकारी और आधिकारिक सलाह देखने के बाद ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।"
मौसम वैज्ञानिक पोखरेल ने बताया है कि अभी जो मौसमी सिस्टम बन रहा है, वह 14 अक्टूबर 2014 को आए बर्फीले तूफान (ब्लिजार्ड) के समय जैसी ही स्थितियों से मिलता-जुलता है।
उन्होंने कहा, "चक्रवात 'हुदहुद' से जुड़ी उस घटना में 43 लोगों की जान चली गई थी, जिसमें अन्नपूर्णा के आसपास ट्रेकिंग करने वाले लोग भी शामिल थे। अभी के पूर्वानुमानों में कुछ ऐसे ही संकेत दिख रहे हैं, जो उस घटना के समय देखे गए थे। हालाँकि, इसका मतलब यह नहीं है कि नतीजा भी वैसा ही होगा। उम्मीद है कि इस बार हम पहले से सतर्क रहकर बेहतर तैयारी कर सकेंगे।"
उन्होंने समझाया कि अगर बंगाल की खाड़ी से आ रहा कम दबाव का सिस्टम नेपाल के करीब पहुँचता है और ऊपरी वायुमंडल में मौजूद कम दबाव वाले क्षेत्र (ट्रफ) से मिलता है, तो भारी बारिश की संभावना और बढ़ जाएगी। बंगाल की खाड़ी में मौसम के पैटर्न में आए बदलाव के चलते, एक ऐसा मौसमी सिस्टम बनने लगा है जिससे नेपाल में बारिश हो सकती है। शुक्रवार सुबह 5:45 बजे बंगाल की खाड़ी के पूर्वी-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र (low-pressure area) बना।
नेपाल के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग ने बताया है कि इस कम दबाव वाले क्षेत्र के धीरे-धीरे और मजबूत होने और सोमवार तक एक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है।
एक बार चक्रवाती तूफान में बदल जाने के बाद, इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने और भारत में उत्तरी आंध्र प्रदेश तथा उससे सटे दक्षिणी ओडिशा के तटीय इलाकों से टकराने (landfall) की संभावना है।
विभाग ने बताया है कि यह मौसमी सिस्टम बुधवार (28 अक्टूबर) से रविवार (1 नवंबर) तक नेपाल के मौसम को प्रभावित कर सकता है।
विभाग ने कहा, "हालांकि, अभी यह पक्के तौर पर बताना संभव नहीं है कि कितनी बारिश होगी, खतरा कितना होगा, या इस सिस्टम का नेपाल पर क्या असर पड़ेगा।" "फिर भी, चूंकि खराब मौसम से कृषि और पर्यटन क्षेत्रों पर बुरा असर पड़ सकता है, इसलिए सभी संबंधित पक्षों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।"
विभाग ने आने वाले सप्ताह में देश के विभिन्न हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में थोड़ी गिरावट आने का भी अनुमान जताया है।