India, Uzbekistan reaffirm commitment to strengthen counter-terrorism cooperation
नई दिल्ली
भारत और उज्बेकिस्तान ने आतंकवाद-रोधी क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। आतंकवाद-रोधी मामलों पर भारत-उज्बेकिस्तान संयुक्त कार्य समूह की 10वीं बैठक के बाद, सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने नई दिल्ली में उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अधिकारी पिरिमकुलोव गुलोमजोन शोदमोन्कुलोविच से मुलाकात की। शनिवार को 'X' (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "सचिव (पश्चिम) @AmbSibiGeorge ने उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रालय में दक्षिण एशियाई, निकट, मध्य-पूर्वी और अफ्रीकी देशों के साथ सहयोग विभाग के प्रमुख और आतंकवाद-रोधी मामलों पर भारत-उज्बेकिस्तान संयुक्त कार्य समूह के सह-अध्यक्ष, पिरिमकुलोव गुलोमजोन शोदमोन्कुलोविच से मुलाकात की।"
जायसवाल ने आगे कहा, "उन्होंने आतंकवाद-रोधी क्षेत्र में भारत-उज्बेकिस्तान सहयोग और आपसी हित के अन्य मुद्दों पर चर्चा की, तथा द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।" इससे पहले, बुधवार को 'X' पर एक पोस्ट में जायसवाल ने बताया था, "आतंकवाद-रोधी मामलों पर भारत-उज्बेकिस्तान संयुक्त कार्य समूह की 10वीं बैठक 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।"
विदेश मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (आतंकवाद-रोधी) सुहेल एजाज खान और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रालय में दक्षिण एशियाई, निकट, मध्य-पूर्वी और अफ्रीकी देशों के साथ सहयोग विभाग के प्रमुख पिरिमकुलोव गुलोमजोन शोदमोन्कुलोविच ने की। बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने वैश्विक स्तर पर और अपने-अपने क्षेत्रों में आतंकवादी समूहों से उत्पन्न खतरों पर चर्चा की। उन्होंने आतंकवाद-रोधी वर्तमान और उभरती चुनौतियों पर विचार साझा किए। इनमें चरमपंथ और कट्टरपंथ का मुकाबला करना, आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकना, आतंकवादी उद्देश्यों के लिए तकनीक के इस्तेमाल को रोकना, और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध तथा आतंकवाद के बीच के गठजोड़ से निपटना शामिल है।
दोनों पक्ष राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरों और चुनौतियों से निपटने में सहयोग करने तथा आतंकवाद-रोधी मामलों पर भारत-उज्बेकिस्तान संयुक्त कार्य समूह के ढांचे को और मजबूत करने पर सहमत हुए। दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने सूचना साझा करने, क्षमता निर्माण और सर्वोत्तम तौर-तरीकों के आदान-प्रदान के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत और उज्बेकिस्तान की संबंधित एजेंसियों के बीच सहयोग विकसित करने की संभावनाओं पर भी बात की।
दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र, शंघाई सहयोग संगठन के क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी ढांचे (SCO-RATS) और मनी लॉन्ड्रिंग तथा आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने वाले यूरेशियन समूह (EAG) जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
विदेश मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक उज्बेकिस्तान में दोनों पक्षों की सहमति से तय की गई किसी तारीख पर आयोजित की जाएगी।