ब्रुसेल्स :
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव Antonio Guterres ने मध्यपूर्व में बढ़ते संघर्ष को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने वैश्विक समुदाय से अपील की कि इस संकट को कूटनीतिक प्रयासों से ही रोका जा सकता है।
यूएन महासचिव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि युद्ध की स्थिति अब नियंत्रण से बाहर हो चुकी है और इससे व्यापक युद्ध का खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि तीन सप्ताह से जारी यह संघर्ष मानवीय त्रासदी के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी हिला रहा है। उन्होंने कहा कि "विश्व एक व्यापक युद्ध, बढ़ती मानव पीड़ा और गहरी आर्थिक चोट की कगार पर खड़ा है।"
इस गंभीर संकट के समाधान के लिए गुटेरेस ने Jean Arnault को अपना विशेष दूत नियुक्त किया है, जो मध्यपूर्व संघर्ष के निपटान और मानवीय सहायता प्रयासों का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने सभी पक्षों से हिंसा बढ़ाने से रोकने की अपील की। उन्होंने अमेरिका और इज़राइल को स्पष्ट संदेश दिया कि युद्ध को तुरंत समाप्त करना चाहिए क्योंकि नागरिकों की हानि बढ़ रही है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है।
गुटेरेस ने ईरान की भूमिका पर भी ध्यान आकर्षित किया और उसे गैर-संघर्षरत पड़ोसियों पर हमले बंद करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संघर्ष में शामिल न होने वाले देशों को निशाना बनाना बंद किया जाए।
उन्होंने चेताया कि यह युद्ध केवल मध्यपूर्व तक सीमित नहीं है। इसका प्रभाव विशेष रूप से विकासशील देशों पर पड़ेगा, जो पहले से ही गरीबी और खाद्य असुरक्षा से जूझ रहे हैं। गुटेरेस ने कहा कि यदि आज उर्वरक की आपूर्ति बाधित हुई तो कल भूख बढ़ सकती है।
अंत में उन्होंने जोर देकर कहा कि युद्ध समाधान नहीं है। कूटनीति ही इसका रास्ता है। अंतरराष्ट्रीय कानून का पूर्ण सम्मान और शांति ही भविष्य की दिशा तय करेंगे। महासचिव की यह चेतावनी वैश्विक समुदाय के लिए गंभीर संदेश है कि युद्ध को बढ़ने से रोकने और संघर्ष समाप्त करने के लिए त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है।
यूएन महासचिव ने स्पष्ट किया कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो मध्यपूर्व का यह संघर्ष वैश्विक संकट में बदल सकता है। शांति और कूटनीति ही इस आपदा से बाहर निकलने का रास्ता हैं और दुनिया को इसे अपनाना ही होगा।