रमज़ान में अल-अक्सा मस्जिद बंद करने पर 8 मुस्लिम देशों ने इज़राइल की कड़ी निंदा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 12-03-2026
8 Muslim countries strongly condemn Israel for closing Al-Aqsa Mosque during Ramadan
8 Muslim countries strongly condemn Israel for closing Al-Aqsa Mosque during Ramadan

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
रमज़ान के पवित्र महीने में यरुशलम स्थित Al-Aqsa Mosque को लगातार बंद रखने को लेकर आठ अरब और इस्लामी देशों ने इज़राइल की कड़ी आलोचना की है। क़तर, जॉर्डन, इंडोनेशिया, तुर्किये, पाकिस्तान, सऊदी अरब, मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात ने संयुक्त बयान जारी कर इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है।
 
इन देशों के विदेश मंत्रियों की ओर से बुधवार को जारी बयान में कहा गया कि रमज़ान के दौरान अल-अक्सा मस्जिद को लगातार 12वें दिन बंद रखना और फिलिस्तीनियों के यरुशलम के पुराने शहर तथा इबादत स्थलों तक पहुंच पर पाबंदी लगाना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और ऐतिहासिक व कानूनी यथास्थिति का स्पष्ट उल्लंघन है।
 
संयुक्त बयान में यह भी कहा गया कि किसी भी धार्मिक स्थल तक बिना रुकावट पहुंच का सिद्धांत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया गया है। ऐसे में पाबंदियां लगाना धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को कमजोर करता है। इन देशों ने इस बात पर जोर दिया कि पवित्र स्थलों की गरिमा और उनके ऐतिहासिक दर्जे को हर हाल में बनाए रखना जरूरी है।
 
बयान में इज़राइल से अपील की गई कि वह तुरंत इन प्रतिबंधों को हटाए और फिलिस्तीनी लोगों को यरुशलम के पुराने शहर तथा उनके धार्मिक स्थलों तक स्वतंत्र रूप से पहुंचने की अनुमति दे। साथ ही यह भी कहा गया कि रमज़ान के दौरान ऐसे कदम क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकते हैं।
 
इन देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वह स्थिति पर ध्यान दे और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाए। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करना और मौजूदा स्थिति को बनाए रखना क्षेत्र में शांति के लिए जरूरी है।
 
अल-अक्सा मस्जिद इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक मानी जाती है और हर साल रमज़ान के दौरान यहां बड़ी संख्या में मुसलमान इबादत के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मस्जिद तक पहुंच पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर मुस्लिम देशों में लगातार चिंता और नाराजगी जताई जा रही है।