मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने इजरायल पर हुए रॉकेट हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई लेबनान की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डालती है और देश को नए संकट में धकेल सकती है।
सोमवार तड़के लेबनान की सीमा से उत्तरी इजरायल के प्रमुख बंदरगाह शहर Haifa और आसपास के इलाकों पर रॉकेट दागे गए। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब ईरान पर अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव पहले से ही चरम पर है।
हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रॉकेट किसने दागे, लेकिन इजरायली मीडिया ने दावा किया है कि इसके पीछे लेबनान का सशस्त्र समूह Hezbollah हो सकता है। इस संगठन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
नवंबर 2024 में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम समझौता हुआ था। उसके बाद यह पहला मौका है जब लेबनान की ओर से इजरायल पर रॉकेट दागे गए हैं। ऐसे में इस घटना ने संघर्ष विराम की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि यह हमला गैरजिम्मेदाराना और संदिग्ध कदम है। उनके मुताबिक ऐसे हमले इजरायल को अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखने का बहाना देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लेबनान किसी नए टकराव में शामिल नहीं होना चाहता।
नवाफ सलाम ने यह भी कहा कि सरकार लेबनानी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठा रही है। उन्होंने देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की और संकेत दिया कि सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सीमा पार हमले जारी रहे तो क्षेत्र में व्यापक संघर्ष भड़क सकता है। पहले से ही इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव पूरे मध्य पूर्व को अस्थिर कर रहा है। ऐसे में लेबनान की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस घटनाक्रम पर टिकी है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया तय करेगी कि हालात शांत होंगे या फिर संघर्ष और गहराएगा।





