दुबई।
इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किए जाने का दावा एक शिया मिलिशिया समूह ने किया है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
हमले की जिम्मेदारी सराया अवलिया अल दम नामक समूह ने ली है। यह संगठन उन शिया मिलिशिया गुटों में शामिल है जो 2003 में अमेरिका के नेतृत्व में इराक पर हुए आक्रमण के बाद सक्रिय हुए थे। उसी अभियान में इराक के तत्कालीन राष्ट्रपति Saddam Hussein की सत्ता गिर गई थी।
समूह ने दावा किया कि बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया गया। हालांकि अभी तक हमले से हुए नुकसान या हताहतों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिका और इराक की सरकार ने इस दावे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला क्षेत्र में बढ़ती प्रतिशोध की कार्रवाई का हिस्सा हो सकता है। हाल के दिनों में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर की गई हवाई कार्रवाई के बाद ईरान समर्थित संगठनों ने सक्रिय रुख अपनाया है। लेबनान का संगठन Hezbollah भी इस संघर्ष में खुलकर सामने आ चुका है।
मध्य पूर्व में हालात तेजी से बदल रहे हैं। ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों ने संकेत दिए हैं कि वे अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकते हैं। इराक में पहले भी अमेरिकी सैन्य अड्डों पर रॉकेट और ड्रोन हमले हो चुके हैं।
बगदाद एयरपोर्ट रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। यहां अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय बलों की आवाजाही होती रही है। ऐसे में इस हमले के दावे ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इराक की स्थिति पर टिकी है। यदि इस तरह के हमले बढ़ते हैं तो क्षेत्रीय संघर्ष और गहरा सकता है। फिलहाल आधिकारिक पुष्टि और प्रतिक्रिया का इंतजार है।