कैनबरा।
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री Penny Wong ने यूएई और कतर में रहने वाले ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के लिए आपात कंसुलर सहायता और पंजीकरण की व्यवस्था शुरू की है। यह कदम मध्य एशिया में हाल ही में बढ़े सैन्य संघर्ष के मद्देनजर उठाया गया है।
विदेश मंत्री वॉंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि विदेश मंत्रालय (DFAT) ने अपने क्राइसिस पोर्टल पर यूएई और कतर में मौजूद ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों, स्थायी निवासियों और उनके परिवारों के पंजीकरण के लिए सुविधा शुरू की है। यह पंजीकरण यात्रा में बाधाओं और सुरक्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए है। DFAT पंजीकृत नागरिकों को सीधे अपडेट प्रदान करेगा।
इस पहल के पीछे मध्य एशिया में बढ़ते तनाव का कारण है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर बड़े पैमाने पर एयर और मिसाइल हमले किए। इस अभियान को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी/रोअरिंग लायन कहा गया। हमलों में ईरान के प्रमुख सैन्य ठिकानों, मिसाइल बैटरियों, परमाणु संबंधित ढांचों और नेतृत्व केंद्रों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की हत्या भी हुई, जिसे ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की।
ईरान ने इसके जवाब में कई अरब खाड़ी देशों और इज़राइल की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन लॉन्च किए। बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब, कतर, यूएई और इराक में मिसाइल हमलों और उनके इंटरसेप्शन की घटनाएं दर्ज की गईं। संघर्ष के कारण आम नागरिकों को नुकसान हुआ है और वैश्विक यात्रा और व्यापार में भी बाधा आई है। कई विदेशी नागरिक प्रभावित हुए हैं, और हवाई मार्गों पर सैकड़ों उड़ानें रद्द की गई हैं।
विदेश मंत्री वॉंग ने कहा कि यह समय चुनौतीपूर्ण है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके परिवार या यात्रा योजनाएं प्रभावित हैं। उन्होंने जोर दिया कि ऑस्ट्रेलिया की प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे DFAT के क्राइसिस पोर्टल पर पंजीकरण कर अपडेट्स प्राप्त करें।
इस बीच विश्व नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने संघर्ष को कम करने और क्षेत्रीय तनाव को रोकने का आग्रह किया है। लेकिन मध्य एशिया में लड़ाई जारी है और स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है।





