कराची गुल प्लाज़ा अग्निकांड: आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित, 73 से ज़्यादा मौतों ने झकझोरा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 27-01-2026
Karachi Gul Plaza fire: Special team formed to arrest the accused, over 73 deaths have shocked the nation.
Karachi Gul Plaza fire: Special team formed to arrest the accused, over 73 deaths have shocked the nation.

 

कराची

कराची के भीषण गुल प्लाज़ा अग्निकांड के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया है। यह टीम घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों को पकड़ने के लिए “हरसंभव प्रयास” करेगी। पाकिस्तानी अख़बार डॉन के अनुसार, यह आदेश साउथ ज़ोन के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) सैयद असद रज़ा ने जारी किया है।

पांच सदस्यीय इस टीम में गार्डन सब-डिवीजनल पुलिस अधिकारी, खारादर इन्वेस्टिगेशन DSP, गार्डन सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन सेल के प्रमुख, नबी बख्श पुलिस स्टेशन के SHO (जहां FIR दर्ज हुई) और केस के जांच अधिकारी शामिल हैं। टीम को ज़रूरत पड़ने पर साउथ ज़ोन के किसी भी पुलिस अधिकारी की मदद लेने का अधिकार भी दिया गया है। DIG रज़ा ने निर्देश दिए हैं कि जांच की दैनिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से उनके कार्यालय में जमा की जाए।

23 जनवरी को दर्ज FIR में आग को लापरवाही और घोर असावधानी का नतीजा बताया गया है। फिलहाल मामला अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज है, क्योंकि अभी तक किसी नामज़द संदिग्ध की पहचान नहीं हो सकी है। यह आग 17 जनवरी की रात लगी थी और इसे पूरी तरह बुझाने में लगभग दो दिन लग गए। हादसे में अब तक कम से कम 73 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 1,100 से अधिक दुकानें जलकर खाक हो गईं। अब तक केवल 23 शवों की पहचान हो पाई है।

नौ दिनों तक मलबे में खोज अभियान चलाने के बाद रविवार को ऑपरेशन पूरा किया गया और गुल प्लाज़ा को सील कर दिया गया। एमए जिन्ना रोड पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। लाहौर से आई फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके से नमूने जुटाए हैं। रेस्क्यू-1122 के अनुसार, इमारत की जांच के बाद इसे ढहाए जाने की संभावना है। मलबे को तीन रंगों—हरा (कुछ नहीं मिला), लाल (शव मिले), पीला (सामान/कीमती वस्तुएं मिलीं)—से चिन्हित किया गया है।

सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने माना, “हमसे गलतियां हुई हैं,” और कहा कि आग सुरक्षा व्यवस्था में कोई समझौता नहीं होगा। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ पाकिस्तानी रुपये और दुकानदारों को 50 लाख रुपये मुआवज़े की घोषणा की है। व्यापारिक नुकसान की भरपाई भी एक महीने के भीतर करने का आश्वासन दिया गया है।

प्रदेशव्यापी फायर सेफ्टी ऑडिट में 2,368 इमारतें चिन्हित की गई हैं। सरकार ने भवन मालिकों को अलार्म, फायर एक्सटिंग्विशर, आपात निकास, बैकअप लाइटिंग जैसी शर्तें पूरी करने की समयसीमा दी है। मुख्यमंत्री ने दोहराया—“आग सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा।”