तेल अवीव
पश्चिम एशिया में इज़राइल और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इज़राइली वायुसेना ने बताया कि इज़राइली सेना (IDF) के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल Eyal Zamir, वायुसेना कमांडर मेजर जनरल Omer Tishler और अन्य वरिष्ठ अधिकारी वायुसेना के ऑपरेशन सेंटर से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों की निगरानी कर रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, इज़राइल ने ईरान के कई प्रमुख शहरों, जिनमें Tehran, Isfahan और Tabriz शामिल हैं, में सैन्य कार्रवाई की। राजधानी तेहरान के पास स्थित Mehrabad International Airport के आसपास भी जोरदार धमाकों की खबरें सामने आईं।
इज़राइली वायुसेना ने कहा कि सेना उच्च सतर्कता पर है और देश की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाले किसी भी पक्ष के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने के लिए तैयार है।
बताया जा रहा है कि सप्ताहांत में लेबनान के बेरूत क्षेत्र में इज़राइली हमलों के बाद स्थिति बिगड़ी। इसके जवाब में ईरान ने उत्तरी इज़राइल की ओर 11 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे कई इलाकों में हवाई हमले के सायरन बज उठे। इसके बाद इज़राइल ने ईरानी क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में दावा किया था कि उन्होंने इज़राइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को सैन्य कार्रवाई से बचने की सलाह दी थी। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ संभावित समझौते को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
हालांकि, ताजा घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि क्षेत्र में सैन्य तनाव फिर से बढ़ गया है और कूटनीतिक प्रयासों को झटका लग सकता है।
संघर्ष बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी असर दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई और ब्रेंट क्रूड की कीमत 96 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई।
इज़राइल और ईरान के बीच चल रही वार्ताओं में लेबनान एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। ईरान समर्थित संगठन Hezbollah और इज़राइली सेना के बीच संघर्ष जारी है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर युद्धविराम समझौतों के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं।
अमेरिका अभी भी कूटनीतिक समाधान की कोशिश कर रहा है, लेकिन हालिया मिसाइल और हवाई हमलों ने क्षेत्रीय स्थिरता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव कम नहीं हुआ तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ सकता है।