तेहरान/बगदाद।
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। इजरायल पर ईरान के ताजा मिसाइल हमले के बाद इराक और सीरिया ने अपने हवाई क्षेत्र पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। वहीं, ईरान ने भी देश के पश्चिमी हिस्से का हवाई क्षेत्र अगले आदेश तक बंद कर दिया है।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार यह कदम सुरक्षा और जोखिम आकलन के आधार पर उठाया गया है। ईरान के राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के प्रवक्ता माजिद अखवान ने बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए देश के पश्चिमी हवाई क्षेत्र में उड़ानों पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिबंध अगली सूचना तक प्रभावी रहेगा।
ईरान के इस फैसले के बाद पड़ोसी देशों ने भी एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इराकी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने घोषणा की है कि देश का हवाई क्षेत्र अगले 72 घंटों तक बंद रहेगा। इसके अलावा सीरिया ने अपने दक्षिणी हवाई क्षेत्र को 12 घंटे के लिए बंद कर दिया है और राजधानी दमिश्क के हवाई अड्डे से उड़ानों का संचालन भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब ईरान ने सोमवार को इजरायल की ओर कई मिसाइलें दागीं। अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद यह इजरायल पर ईरान का पहला प्रत्यक्ष मिसाइल हमला माना जा रहा है। मिसाइलों के प्रक्षेपण के बाद इजरायल के विभिन्न क्षेत्रों में सायरन बजाए गए और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी गई।
इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ने एक बयान में कहा कि ईरान से दागी गई मिसाइलों का पता लगते ही देश की वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय कर दी गईं। सेना ने बताया कि मिसाइलों को हवा में ही रोकने के लिए इंटरसेप्शन सिस्टम काम कर रहे हैं और नागरिकों को सुरक्षा निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।
इजरायली वायु सेना (आईएएफ) ने भी पुष्टि की कि ईरान की ओर से मिसाइलें दागी गई हैं। सेना ने लोगों से अपील की कि चेतावनी मिलने पर तुरंत सुरक्षित आश्रयों में जाएं और आधिकारिक निर्देश मिलने तक वहीं रहें। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा नियमों का पालन करने से जान-माल की रक्षा संभव है।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार इस हमले में अभी तक किसी के हताहत होने या बड़े पैमाने पर नुकसान की सूचना नहीं मिली है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इससे पहले रविवार को इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दहियेह इलाके में स्थित उन ठिकानों पर हवाई हमला किया था, जिन्हें उसने हिजबुल्लाह से जुड़ा बताया। इजरायल का दावा है कि यह कार्रवाई उसके क्षेत्र पर किए गए हमलों के जवाब में की गई थी। माना जा रहा है कि इसी घटनाक्रम के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान, इजरायल, लेबनान, इराक और सीरिया के बीच बढ़ता तनाव पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। हवाई क्षेत्रों का बंद होना इस बात का संकेत है कि क्षेत्रीय सरकारें संभावित सैन्य टकराव के खतरे को गंभीरता से ले रही हैं।