Is the US restricting Starlink services in Ukraine? This could have devastating consequences.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन एक प्रमुख हथियार बन गया है। यूक्रेन में किसी भी दिन हजारों की संख्या में ड्रोन युद्धक्षेत्र में दुश्मन के ठिकानों की तलाश करते रहते हैं। इनके निशाने पर दुश्मन के सैनिक और वाहन या हथियारों के भंडार, मुख्यालय, पुल और बिजली संयंत्र जैसे बड़े ठिकाने होते हैं।
ड्रोन युद्ध एक ऐसी तकनीक की वजह से संभव हो पाया है जो प्रत्यक्ष दिखाई नहीं देती, लेकिन बहुत महत्वपूर्ण है। एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की स्टारलिंक प्रणाली एक सुरक्षित डिजिटल उपग्रह संचार नेटवर्क है, जिस पर यूक्रेन पूरी तरह निर्भर है।
फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर आक्रमण शुरू करने के बाद, यूक्रेन के तत्कालीन उप प्रधानमंत्री और डिजिटल परिवर्तन मंत्री मिखाइलो फेदोरोव ने सार्वजनिक रूप से मस्क से संचार सुविधा उपलब्ध कराने की अपील की थी। इसके दो दिन बाद स्टारलिंक के 500 टर्मिनल यूक्रेन पहुंच गए। फरवरी 2022 में मस्क ने यूक्रेन की सरकार और सेना को स्टारलिंक के इस्तेमाल की अनुमति दी थी। शुरुआत में यह सुविधा मुफ्त थी। जुलाई 2020 तक स्टारलिंक ने 15,000 टर्मिनल उपलब्ध करा दिए थे।
यूक्रेन ने स्टारलिंक पर अपनी निर्भरता को खुले तौर पर स्वीकार किया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, 2022 में एक प्लाटून कमांडर ने कहा था, “स्टारलिंक के बिना हम अब तक युद्ध हार चुके होते।”
स्टारलिंक ने यूक्रेन की सरकार और सशस्त्र बलों को सुरक्षित संचार सुविधा उपलब्ध कराई। यह उसकी महत्वपूर्ण सैन्य प्रणाली सी4आईएसआर (कमान, नियंत्रण, संचार, कंप्यूटर, खुफिया जानकारी, निगरानी और टोह लेने की व्यवस्था) का अहम हिस्सा है। इसके बिना यूक्रेन की रक्षा करना बेहद मुश्किल, शायद असंभव होता।