आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
इराक की संसद ने बृहस्पतिवार को नए मंत्रियों के नामों पर मुहर लगाकर अपने मंत्रिमंडल का गठन पूरा कर लिया और एक ऐसे नेता को उपप्रधानमंत्री बनाया गया है, जिस पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगा रखे हैं।
उपप्रधानमंत्री पद पर नियुक्त किए गए लैथ अल-खजाली, ईरान समर्थित संगठन ‘असैब अहल अल-हक’ के प्रमुख कैस अल-खजाली के भाई हैं। अमेरिकी सेना ने 2007 में करबला में हुए एक हमले के सिलसिले में लैथ को गिरफ्तार किया था। उस हमले में पांच अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।
जून 2009 में रिहा होने के बाद, अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने 2019 में लैथ पर मानवाधिकारों के उल्लंघन और 2007 के हमले में शामिल रहने के आरोप लगाकर प्रतिबंध लगा दिए थे।
अब इतने बड़े पद पर लैथ की नियुक्ति से बगदाद और वाशिंगटन के रिश्तों में तनाव आ सकता है। वैसे तो इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के अमेरिका के साथ अच्छे संबंध रहे हैं और पद संभालते समय उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन भी मिला था, लेकिन वह ईरान के साथ भी अपने रिश्ते मजबूत रखना चाहते हैं।