ईरान ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी दी, कहा-दोबारा हमला किया तो मिलेगा कड़ा जवाब

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 09-01-2026
Iran warned the US and Israel, saying they would face a strong response if they attacked again.
Iran warned the US and Israel, saying they would face a strong response if they attacked again.

 

बेरुत

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने गुरुवार को चेतावनी दी कि उनका देश न तो अमेरिका के साथ युद्ध चाहता है और न ही इजराइल के साथ, लेकिन अगर उन पर फिर से हमला किया गया तो वे हर तरह की जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

बेरुत पहुंचने पर पत्रकारों से बातचीत में अरागची ने कहा, “हम किसी भी विकल्प के लिए तैयार हैं। युद्ध हमारी प्राथमिकता नहीं है, लेकिन हम इसके लिए तैयार हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ बातचीत के लिए खुला है, बशर्ते कि वार्ता आपसी सम्मान और पारदर्शिता पर आधारित हो, न कि वाशिंगटन के “दबाव” पर।

अरागची की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक सुरक्षा और मध्य-पूर्व के कई विश्लेषक यह आशंका व्यक्त कर रहे हैं कि अमेरिका का करीबी सहयोगी इजराइल ईरान पर फिर से हमला कर सकता है। जून 2025 में इजराइल ने तेहरान के खिलाफ 12 दिवसीय सैन्य अभियान चलाया था, जिसमें कई शीर्ष सैन्य अधिकारी और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए। उस दौरान अमेरिका ने भी ईरानी परमाणु संवर्धन स्थलों पर हवाई हमले किए थे।

ईरानी विदेश मंत्री ने बेरुत में कहा कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर अपने पिछले हमले का परीक्षण किया था, लेकिन उनकी रणनीति पूरी तरह विफल रही। अरागची ने चेतावनी दी, “अगर वे इसे दोहराने का प्रयास करेंगे, तो उन्हें वही नतीजा मिलेगा।”

अरागची की यह यात्रा लेबनान में दो दिवसीय दौरे के तहत हो रही है। उनका उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता, राजनीतिक सहयोग और अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता के लिए द्विपक्षीय वार्ता को आगे बढ़ाना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अरागची का यह बयान केवल चेतावनी नहीं, बल्कि अमेरिका और इजराइल को यह संकेत देने का भी प्रयास है कि ईरान किसी भी बाहरी सैन्य दखल को नज़रअंदाज़ नहीं करेगा। उन्होंने दोहराया कि ईरान संघर्ष से बचने के लिए तैयार है, लेकिन अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए कड़ा जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।

कुल मिलाकर, अरागची के बयान ने अमेरिका और इजराइल को ईरान के रुख के प्रति सतर्क रहने का संकेत दिया है, जबकि ईरान ने शांतिपूर्ण वार्ता के लिए भी दरवाजा खुला रखा है। यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता और परमाणु वार्ता दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।