तेहरान।
मध्य पूर्व से एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान ने दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक Strait of Hormuz को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इस कदम की पुष्टि ईरान की सैन्य शाखा Islamic Revolutionary Guard Corps (आईआरजीसी) ने आधिकारिक बयान जारी कर की है।
आईआरजीसी के अनुसार, यह फैसला रक्षा बलों के सैन्य अभ्यास के चलते लिया गया है। बयान में कहा गया है कि जलडमरूमध्य को “अस्थायी रूप से” बंद किया गया है और अभ्यास समाप्त होने के बाद इसे फिर से खोल दिया जाएगा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि सैन्य अभ्यास कितने समय तक चलेगा और जलमार्ग को दोबारा कब खोला जाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से यह मार्ग बेहद अहम है, क्योंकि दुनिया के कुल समुद्री तेल निर्यात का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और स्वयं ईरान जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देश अपने निर्यात के लिए इसी मार्ग पर निर्भर हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस जलमार्ग के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। यदि यह बंदी लंबी खिंचती है तो कच्चे तेल की कीमतों में उछाल संभव है, जिसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। एशियाई और यूरोपीय देशों की ऊर्जा सुरक्षा भी इससे प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, ईरान ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल सैन्य अभ्यास के तहत उठाया गया है और इसका उद्देश्य किसी देश विशेष को निशाना बनाना नहीं है। फिर भी, क्षेत्र में पहले से मौजूद भू-राजनीतिक तनाव के बीच इस घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अभ्यास कब समाप्त होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य को कब दोबारा खोलने की घोषणा की जाएगी। तब तक वैश्विक बाजार और ऊर्जा क्षेत्र में सतर्कता बनी रहने की संभावना है।





