ईरान-इजराइल तनाव बढ़ा: इजराइल का 100 लड़ाकू विमानों से तेहरान के सैन्य कमान केंद्रों पर हमला का दावा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 05-03-2026
Iran-Israel tensions escalate: Israel claims 100 fighter jets attacked Tehran's military command centers
Iran-Israel tensions escalate: Israel claims 100 fighter jets attacked Tehran's military command centers

 

यरूशलम

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है। इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान के पूर्वी हिस्से में स्थित कई महत्वपूर्ण सैन्य और सुरक्षा ठिकानों पर बड़ा हवाई हमला किया है। इजराइल के मुताबिक इस ऑपरेशन में 100 से अधिक लड़ाकू विमानों को तैनात किया गया, जिन्होंने मिलकर 250 से ज्यादा बम गिराए और कई अहम कमान केंद्रों को निशाना बनाया।

इजराइली सेना के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया कि यह हमला बेहद व्यापक और योजनाबद्ध था। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़े सैन्य और खुफिया ठिकानों को कमजोर करना था। हमले में जिन परिसरों को निशाना बनाया गया, उनमें आईआरजीसी का खुफिया निदेशालय, बासिज अर्धसैनिक बल का मुख्यालय, ईरान की साइबर इकाई तथा आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी वह इकाई भी शामिल बताई जा रही है जो सरकार विरोधी प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार मानी जाती है।

इजराइल का कहना है कि इन संस्थानों का उपयोग केवल सैन्य और सुरक्षा गतिविधियों के लिए किया जा रहा था, इसलिए उन्हें रणनीतिक लक्ष्य के तौर पर चुना गया। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन कई चरणों में अंजाम दिया गया और इसमें आधुनिक हथियारों तथा सटीक लक्ष्य भेदने वाली तकनीक का इस्तेमाल किया गया ताकि निर्धारित ठिकानों को अधिकतम नुकसान पहुंचाया जा सके।

हालांकि ईरान की ओर से इस हमले को लेकर तुरंत विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में तेहरान के पूर्वी क्षेत्र में तेज धमाकों की आवाजें सुनाई देने और कुछ इलाकों में सुरक्षा बढ़ाए जाने की खबरें सामने आई हैं। ईरान की सुरक्षा एजेंसियां स्थिति का आकलन कर रही हैं और संभावित नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम हो सकता है। पिछले कुछ समय से इजराइल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता रहा है, खासकर साइबर हमलों, सैन्य गतिविधियों और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।

यदि इस घटना के बाद ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई होती है, तो मध्य पूर्व में संघर्ष और गहरा सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि इस तरह की सैन्य कार्रवाई का असर पूरे क्षेत्र की स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा पर पड़ सकता है।