ईरान से अंतरिम युद्धविराम खत्म, ट्रंप बोले- अब बातचीत बेकार

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 08-07-2026
Interim truce with Iran over; Trump says talks are now pointless.
Interim truce with Iran over; Trump says talks are now pointless.

 

आवाज द वाॅयस /नई दिल्ली

 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिया है कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम युद्धविराम (सीज़फायर) अब प्रभावी नहीं रहा। उन्होंने कहा कि वह अब तेहरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि उनके अनुसार ईरान से बातचीत करना "समय की बर्बादी" है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है और अमेरिका तथा ईरान के बीच सैन्य टकराव गहराता दिखाई दे रहा है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के अंतरिम युद्धविराम पर सहमति बनी थी। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों को स्थायी शांति समझौते तक पहुंचने के लिए समय देना था। इसी अवधि में कतर की राजधानी दोहा में दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता भी हुई, लेकिन बातचीत किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी और बिना किसी महत्वपूर्ण प्रगति के समाप्त हो गई।

तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में कई जहाजों को निशाना बनाया। इसके जवाब में अमेरिका ने बुधवार सुबह ईरान के विभिन्न ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं और हालात पहले से अधिक संवेदनशील हो गए हैं।

तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अब ईरान के साथ किसी प्रकार की बातचीत का कोई अर्थ रह गया है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह अध्याय समाप्त हो चुका है। मैं अब उनसे बात नहीं करना चाहता क्योंकि बातचीत केवल समय की बर्बादी है।"

अमेरिका ने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हुए हमलों के जवाब में ईरान पर नई सैन्य कार्रवाई की है। इसके साथ ही वाशिंगटन ने ईरान के तेल निर्यात से जुड़ा अमेरिकी लाइसेंस भी रद्द कर दिया है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि ईरान की हालिया गतिविधियां क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा हैं।

वहीं, अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इन जवाबी हमलों ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे युद्धविराम की बची हुई संभावनाओं को भी बड़ा झटका लगा है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने नाटो सहयोगियों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रीनलैंड के मुद्दे और ईरान के खिलाफ कार्रवाई में कई नाटो सदस्य देशों ने अमेरिका का पर्याप्त समर्थन नहीं किया। ट्रंप ने विशेष रूप से स्पेन की आलोचना करते हुए उसे नाटो का "बहुत खराब साझेदार" बताया और कहा कि उन्होंने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट को स्पेन के साथ व्यापारिक संबंध समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

इस बीच, यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते सैन्य हमलों ने पहले से ही कठिन कूटनीतिक प्रक्रिया को और अधिक जटिल बना दिया है। उन्होंने ईरान द्वारा बहरीन और कुवैत में किए गए हमलों की निंदा की और कहा कि यूरोपीय संघ के विदेश मंत्री खाड़ी देशों के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में समुद्री यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चर्चा करेंगे।

पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात यह संकेत दे रहे हैं कि यदि दोनों पक्ष जल्द ही कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे नहीं बढ़ते, तो क्षेत्र में संघर्ष और अधिक व्यापक रूप ले सकता है, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।