न्यूयॉर्क
ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच राजधानी तेहरान से बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। अमेरिका की प्रतिष्ठित पत्रिका टाइम मैगज़ीन की रिपोर्ट के अनुसार, अकेले तेहरान में एक ही रात में हुई गोलीबारी में 200 से अधिक प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। यह घटना ईरान में चल रहे आंदोलन के दौरान अब तक की सबसे घातक घटनाओं में से एक मानी जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार रात को विरोध प्रदर्शन अचानक और अधिक उग्र हो गए। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने हिंसक रूप अपना लिया, जिसके जवाब में ईरानी सुरक्षा बलों ने भारी गोलीबारी की। टाइम ने शुक्रवार, 9 जनवरी को अपनी रिपोर्ट में बताया कि तेहरान के एक डॉक्टर ने, नाम गोपनीय रखने की शर्त पर, पत्रिका को जानकारी दी कि राजधानी के कम से कम छह अस्पतालों में 206 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है। डॉक्टर के अनुसार, इनमें से अधिकांश की मौत गोली लगने से हुई।
पत्रिका ने कहा कि यदि इन मौतों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि हो जाती है, तो यह इस बात का संकेत होगा कि ईरानी सरकार ने प्रदर्शनों को कुचलने के लिए अत्यंत सख्त और हिंसक रवैया अपनाया है। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी की खुली अवहेलना के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों की हत्या करती है, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
बताया गया है कि यह आंदोलन 28 दिसंबर को शुरू हुआ था, जो अब तक देश के 31 शहरों में फैल चुका है। गुरुवार रात की हिंसक घटनाओं के बाद शुक्रवार रात को भी तेहरान और अन्य शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतरे। इसके बावजूद सुरक्षा बलों की सख्ती कम नहीं हुई।
डॉक्टर ने टाइम को यह भी बताया कि शुक्रवार को मृतकों के शव अस्पतालों से हटा लिए गए। उन्होंने एक और गंभीर घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तरी तेहरान में एक पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शनकारियों पर मशीनगन से गोलियां चलाई गईं, जिसमें कम से कम 30 लोग घायल हो गए। मृतकों में बड़ी संख्या युवा पुरुषों की बताई गई है, जिससे देश में युवाओं के बीच गुस्सा और भय दोनों बढ़ते जा रहे हैं।
हालांकि, टाइम मैगज़ीन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह हताहतों की इस संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर पाई है। इसके बावजूद, रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गहरी चिंता पैदा कर दी है। मानवाधिकार संगठनों और विश्व नेताओं की नजर अब ईरान की स्थिति पर टिकी हुई है, क्योंकि हालात लगातार और अधिक विस्फोटक होते जा रहे हैं।






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