विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश)
भारतीय नौसेना और श्रीलंकाई नौसेना ने विशाखापत्तनम के तट पर अपने द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास, SLINEX-26 का 13वां संस्करण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह दोनों पड़ोसी देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग में एक और अहम उपलब्धि है। पांच दिनों तक चले इस अभ्यास की शुरुआत 'हार्बर चरण' (बंदरगाह पर होने वाली गतिविधियां) से हुई, जिसका मकसद रणनीतिक तालमेल और पेशेवर भाईचारा बढ़ाना था। इसके बाद समुद्र में जटिल ऑपरेशनल गतिविधियां की गईं। समुद्री चरण में आगे बढ़ते हुए, नौसेना की टुकड़ियों ने रणनीतिक समुद्री कौशल से लेकर विशेष युद्ध प्रक्रियाओं तक, कई हाई-इंटेंसिटी ऑपरेशन किए।
भारतीय नौसेना ने X पर एक पोस्ट में बताया, "#SLINEX26 का समुद्री चरण शुरू हुआ, जिसमें #IndianNavy और #SriLankaNavy ने समुद्री कौशल अभ्यास, हवाई ऑपरेशन, समुद्र में रात के समय सामान की आपूर्ति (night replenishment) और स्पेशल फोर्सेज की ड्रिल (जिसमें VBSS और स्लिदरिंग ऑपरेशन शामिल थे) कीं।"
इन ड्रिल्स में 'विज़िट, बोर्ड, सर्च और सीज़र' (VBSS) ऑपरेशन के साथ-साथ कॉम्बैट स्लिदरिंग तकनीक, लाइव फ्लाइट ऑपरेशन और समुद्र में रात के समय सामान की आपूर्ति के मुश्किल प्रोटोकॉल शामिल थे, जिनका मकसद संयुक्त रणनीतिक कामकाज को बेहतर बनाना था।
2026 के इस संस्करण में शामिल नौसैनिक संपत्तियों में भारत का स्वदेशी एंटी-सबमरीन वॉरफेयर कार्वेट INS कवरत्ती और फ्लीट टैंकर INS ज्योति, तथा श्रीलंकाई नौसेना का ऑफशोर पेट्रोल वेसल SLNS सिंदुराला शामिल थे। SLINEX-26 का आयोजन भारत और श्रीलंका के बीच गहरे होते रक्षा सहयोग और आपसी भरोसे को दर्शाता है, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा मजबूत होती है।
भारतीय नौसेना ने आगे कहा, "इन गतिविधियों से इंटरऑपरेबिलिटी (आपसी तालमेल) और ऑपरेशनल कोऑर्डिनेशन बेहतर हुआ, जिससे #SLINEX26 का समापन हुआ और #India–#SriLanka समुद्री साझेदारी और मजबूत हुई।" रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस अभ्यास से दोनों नौसेनाओं को पेशेवर बातचीत, बेहतरीन तौर-तरीकों के आदान-प्रदान और इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने के मौके मिले। अभ्यास के हार्बर चरण में भारतीय नौसेना और श्रीलंकाई नौसेना के बीच पेशेवर बातचीत, क्रॉस-डेक विज़िट और खेल-कूद से जुड़ी गतिविधियां शामिल थीं।
समुद्री चरण में समन्वित समुद्री गतिविधियां, हवाई ऑपरेशन, समुद्र में रात के समय सामान की आपूर्ति और स्पेशल फोर्सेज की ड्रिल (जिसमें VBSS और स्लिदरिंग ऑपरेशन शामिल थे) की गईं। इन गतिविधियों से हिस्सा लेने वाली सेनाओं के बीच ऑपरेशनल तालमेल और इंटरऑपरेबिलिटी (एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की क्षमता) को बेहतर बनाने के अहम मौके मिले। SLINEX-26 भारत और श्रीलंका के बीच मज़बूत समुद्री साझेदारी और सुरक्षित व स्थिर हिंद महासागर क्षेत्र के लिए उनकी साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है। मंत्रालय ने कहा कि यह अभ्यास समुद्री सहयोग, इंटरऑपरेबिलिटी और क्षमता निर्माण को बढ़ाकर भारत के 'महासागर' (MAHASAGAR) विज़न और 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) नीति में योगदान देता है। यह सालाना अभ्यास इस क्षेत्र में भारत के व्यापक सुरक्षा नज़रिए के अनुरूप है और समुद्री डकैती-रोधी अभियानों, समुद्री क्षेत्र की जागरूकता और खुले समुद्री संचार मार्गों को बनाए रखने के लिए संयुक्त प्रयासों में मदद करता है।