Indian and Australian Navies discuss enhancing operational interoperability, capability-building cooperation
कैनबरा [ऑस्ट्रेलिया]
भारत और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाओं ने दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग को और गहरा करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, ऑपरेशनल इंटरऑपरेबिलिटी (एक साथ काम करने की क्षमता) को मजबूत करने और क्षमता निर्माण व प्रशिक्षण में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। ये द्विपक्षीय बातचीत भारतीय नौसेना और रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी के बीच 11 से 12 अगस्त तक ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में आयोजित 17वीं 'नेवी-टू-नेवी स्टाफ वार्ता' के दौरान हुई।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी देते हुए भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने कहा, "17वीं भारतीय नौसेना-रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी स्टाफ वार्ता सिडनी में 11-12 अगस्त को आयोजित की गई, जिसकी सह-अध्यक्षता रियर एडमिरल सचिन रूबेन सिकेरा, ACNS (FCI) और रियर एडमिरल क्रिस्टोफर स्मिथ, कमांडर ऑस्ट्रेलियन फ्लीट ने की। भारत-ऑस्ट्रेलिया की मजबूत समुद्री साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए, चर्चाओं में ऑपरेशनल इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाने, द्विपक्षीय अभ्यासों की जटिलता को बढ़ाने और क्षमता निर्माण व प्रशिक्षण में सहयोग को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।"
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने आगे कहा, "इस बातचीत ने एक मजबूत और अधिक इंटरऑपरेबल समुद्री साझेदारी के प्रति भारतीय नौसेना और ऑस्ट्रेलियाई नौसेना की साझा प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया।" ये नौसैनिक बातचीत भारतीय वायु सेना (IAF) के 'एक्सरसाइज पिच ब्लैक 26' में सफल भागीदारी के बाद हुई, जो 20 जुलाई से 7 अगस्त तक ऑस्ट्रेलिया में रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (RAAF) बेस डार्विन में आयोजित किया गया था। IAF के प्रतिनिधिमंडल में अत्यधिक कुशल एयर वॉरियर्स शामिल थे, जिनमें पायलट, इंजीनियर, तकनीशियन, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल थे।
हवाई अभ्यासों के सफल संचालन पर भारतीय वायु सेना - मीडिया समन्वय केंद्र ने 'X' पर पोस्ट किया, "मिशन पूरा हुआ। आसमान पर महारत हासिल की। साझेदारियां मजबूत हुईं। 'एक्सरसाइज पिच ब्लैक 26' गहन बहुराष्ट्रीय हवाई अभियानों के साथ संपन्न हुआ, जिसमें भारतीय वायु सेना ने सहयोगी वायु सेनाओं के साथ मिलकर काम किया - इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाया, मुश्किल से हासिल की गई विशेषज्ञता का आदान-प्रदान किया और वास्तविक परिस्थितियों में युद्ध की तैयारी को बेहतर बनाया। हर मिशन और बातचीत से रणनीति, प्रक्रियाओं और पेशेवर उत्कृष्टता में आपसी लाभ मिला।"
'एक्सरसाइज पिच ब्लैक' रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स का प्रमुख द्विवार्षिक अंतरराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार के रक्षा विभाग के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, तीन हफ़्ते तक चले इस अभ्यास में 2,500 से ज़्यादा सैन्य कर्मियों और 21 सहयोगी देशों के 100 विमानों ने मिलकर काम करने की बेहतरीन क्षमता का प्रदर्शन किया।
2026 के इस संस्करण में कुछ ऐतिहासिक शुरुआतें भी हुईं; जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के F-35A लाइटनिंग II फाइटर जेट और भारतीय वायु सेना के राफेल फाइटर जेट ने पहली बार इस कॉम्बैट एक्सरसाइज़ (युद्ध अभ्यास) में हिस्सा लिया। अभ्यास के रणनीतिक लक्ष्यों के बारे में बताते हुए रक्षा मंत्रालय ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, "एक्सरसाइज़ पिच ब्लैक 26 लंबी दूरी तक हवाई अभियान चलाने की क्षमता को परखने, कई देशों के बीच आपसी तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) को बेहतर बनाने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में पेशेवर साझेदारी को मज़बूत करने का एक शानदार मौका देती है। यह अभ्यास इसमें शामिल वायु सेनाओं को एक वास्तविक और चुनौतीपूर्ण बहु-राष्ट्रीय माहौल में काम करने में सक्षम बनाएगा, जिससे उनके बीच बेहतर ऑपरेशनल तालमेल और आपसी समझ बढ़ेगी। भारतीय वायु सेना पहले भी इस अभ्यास के 2018, 2022 और 2024 संस्करणों में हिस्सा ले चुकी है, जो रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा को मज़बूत करने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को फिर से साबित करता है।"
इससे पहले जुलाई में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया का दो दिवसीय दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बानीज़ के साथ उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की, प्रमुख व्यापारिक नेताओं से मुलाक़ात की और मेलबर्न के डॉकलैंड्स स्टेडियम में भारतीय समुदाय के लोगों की एक विशाल सभा को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में लगभग 35,000 लोग शामिल हुए और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ तथा विक्टोरिया की प्रीमियर जैसिंटा एलन ने भी सभा को संबोधित किया।