भारतीय-अमेरिकी पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें जिले से डेमोक्रेटिक प्राइमरी जीती

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 19-08-2026
Indian-American Pia Dandia wins Democratic primary from Florida's 22nd district
Indian-American Pia Dandia wins Democratic primary from Florida's 22nd district

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
भारतीय-अमेरिकी महिला और एक स्कूल की पूर्व प्राचार्य पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल जिले से डेमोक्रेटिक पार्टी की प्राइमरी जीत ली है। इसके साथ ही नवंबर में होने वाले चुनाव में उनका मुकाबला रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व मरीन सैनिक केसी अस्कर से होगा।
 
डांडिया को प्राइमरी में 68.6 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी एवं वकील कायसिया अर्ली को 31.4 प्रतिशत मत मिले।
 
डांडिया ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक संदेश में कहा, “एफएल-22, इस अभियान पर विश्वास जताने के लिए धन्यवाद। मैंने अपने छात्रों, अपने बेटे और इस जिले में बड़े हो रहे हर उस बच्चे के लिए चुनाव लड़ने का फैसला किया, जो बेहतर भविष्य का हकदार है।”
 
उन्होंने कहा, “हम मिलकर लागत कम करने, भ्रष्टाचार खत्म करने और वाशिंगटन को फिर से जनता के लिए काम करने वाला बनाने के आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे।”
 
डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी (डीएनसी) ने भी डांडिया को प्राइमरी में जीत के लिए बधाई दी।
 
कमेटी ने एक बयान में कहा, “एक शिक्षाविद् और अपने समुदाय में लंबे समय से नेतृत्व करने वाली पिया ने अवसरों का विस्तार करने और कामकाजी परिवारों के लिए संघर्ष करने के लिए खुद को समर्पित किया है।”
 
बयान में कहा गया, “डीएनसी पिया को निर्वाचित कराने, इस सीट को डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में करने और नवंबर में प्रतिनिधि सभा में बहुमत वापस हासिल करने में मदद करने के लिए तैयार है।”
 
भारत से अमेरिका आए माता-पिता की संतान डांडिया ने इससे पहले फ्लोरिडा के 21वें जिले से रिपब्लिकन पार्टी के नेता और प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष ब्रायन मास्ट को चुनौती देने की कोशिश की थी।
 
बाद में हाई स्कूल की पूर्व प्राचार्य डांडिया दक्षिण फ्लोरिडा के 22वें जिले में चली गईं। यह जिला परिसीमन के बाद बनाया गया था और यहां कोई मौजूदा सांसद चुनाव मैदान में नहीं था।
 
डांडिया के चुनाव अभियान की वेबसाइट के अनुसार, वह पहली पीढ़ी की अमेरिकी हैं और हाई स्कूल की प्राचार्य, नीति विशेषज्ञ तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नवोन्मेषक के रूप में समुदायों को मजबूत करने के लिए काम करती रही हैं।