नई दिल्ली।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद शुक्रवार तड़के रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल منتقل किया गया। अस्पताल में उनके स्वास्थ्य की व्यापक जांच और जरूरी चिकित्सा देखभाल की जानी है।
इमरान खान को अस्पताल ले जाने के दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। राजधानी पुलिस, प्रशासन, जेल अधिकारियों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों को तैनात किया गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार, अस्पताल और उसके आसपास करीब 800 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। अस्पताल के आसपास की सड़कों को भी सुरक्षा कारणों से नियंत्रित किया गया।
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को आदेश दिया था कि जेल में बंद इमरान खान को 48 घंटे के भीतर इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाए। अदालत ने उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जांच के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की मेडिकल टीम गठित करने का भी निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद सरकार ने इसके खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने अधूरे दस्तावेजों के कारण याचिका वापस कर दी।
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उनकी पार्टी और परिवार लंबे समय से उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते रहे हैं और बेहतर चिकित्सा सुविधा तथा निजी चिकित्सकों से जांच की मांग करते रहे हैं।
अदियाला जेल के अधीक्षक की ओर से अदालत में पेश की गई स्वास्थ्य रिपोर्ट के एक संलग्नक में बताया गया कि पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के डॉक्टर ने 1 अगस्त को इमरान खान की जांच की थी। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव, धड़कन तेज होने, सिरदर्द और बेचैनी जैसी शिकायतें बताई थीं।
इमरान खान के वकीलों और समर्थकों ने इससे पहले उनकी दाहिनी आंख की दृष्टि को लेकर भी गंभीर चिंता जताई थी। हालांकि, सरकार का कहना रहा है कि उपलब्ध चिकित्सा जांचों में ऐसी कोई तत्काल गंभीर स्थिति सामने नहीं आई है जिसके लिए विशेष उपचार जरूरी हो।
इमरान खान के अस्पताल पहुंचने के बाद इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक सैयद अली नासिर रिजवी ने अस्पताल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। वह इससे पहले गुरुवार रात भी अस्पताल पहुंचे थे और इमरान खान के आने से पहले सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया था।
PTI नेतृत्व ने अपने समर्थकों से अस्पताल के बाहर भीड़ जमा नहीं करने और शांत रहने की अपील की, ताकि इमरान खान की चिकित्सा जांच और उपचार में कोई बाधा न आए।
पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने भी इमरान खान के अस्पताल पहुंचने पर प्रतिक्रिया देते हुए उम्मीद जताई कि यह कदम उनके लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा और न्याय की दिशा में शुरुआत साबित होगा। उन्होंने शांति और उपचार की जरूरत पर जोर दिया।
इमरान खान के अस्पताल पहुंचने को पाकिस्तान की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। उनकी पार्टी और सरकार के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें निजी अस्पताल में चिकित्सा सुविधा मिलना उनके समर्थकों के लिए राहत की खबर है। हालांकि, उनके स्वास्थ्य की वास्तविक स्थिति और आगे के उपचार को लेकर तस्वीर मेडिकल जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।