लाहौर।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने दावा किया है कि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के एक समर्थक की पंजाब प्रांत में पुलिस कार्रवाई के दौरान मौत हो गई, जबकि इस कार्रवाई में दर्जनों अन्य लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। पीटीआई ने यह जानकारी अपने बयान में साझा की और कहा कि मौजूदा सरकार के खिलाफ सड़कों पर चलाए जा रहे अभियान के दौरान यह घटना हुई।
पीटीआई और सहयोगी संगठन तहरीक-ए-तहफुज-ए-आईन-ए-पाकिस्तान (टीटीएपी) ने कहा कि यह कार्रवाई उनके समर्थकों की लामबंदी और विरोध प्रदर्शन को दबाने के लिए की गई थी। बयान में यह भी कहा गया कि कई अन्य पीटीआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।
हालांकि, पंजाब पुलिस ने इस घटना में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की मौत में उनकी कोई संलिप्तता नहीं है और गिरफ्तारियों को कानून के दायरे में किया गया।
पीटीआई ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं और पार्टी द्वारा निर्धारित आगामी प्रदर्शन में भाग लें। पार्टी ने आगामी 8 फरवरी को एक बड़े प्रदर्शन की योजना बनाई है, जिसका उद्देश्य दो साल पहले हुए आम चुनावों में उनके अनुसार “चुराए गए जनादेश” के विरोध में सरकार के खिलाफ विरोध जताना है।
विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में यह घटना राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकती है, क्योंकि पीटीआई के समर्थक पिछले कुछ महीनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह अभियान सरकार के विरोध और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए जारी है।
पाकिस्तान में राजनीतिक हलचल और विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे हैं। इमरान खान की पार्टी ने चेतावनी दी है कि आगे आने वाले हफ्तों में विरोध प्रदर्शन और लामबंदी अभियान जारी रहेगा, और उनके समर्थक बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतर सकते हैं।
इस घटनाक्रम ने पाकिस्तान के राजनीतिक माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, और आगामी फरवरी के प्रदर्शन को लेकर पूरे देश में तनाव की स्थिति बन गई है।