आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने चेतावनी दी कि अगर उनकी सुरक्षा को खतरा हुआ तो परमाणु-संपन्न देश दक्षिण कोरिया को ‘‘पूरी तरह से मिटा’’ सकता है। उन्होंने सियोल के साथ बातचीत करने से एक बार फिर इनकार कर दिया। सरकारी मीडिया ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
हालांकि, सत्तारूढ़ पार्टी की एक बैठक के समापन के दौरान उन्होंने अगले पांच वर्षों के लिए अपने नीतिगत लक्ष्यों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए वाशिंगटन से बातचीत के लिए अपने रास्ते खुले रखे।
हाल के वर्षों में किम ने सियोल के प्रति अपनी बयानबाजी को और तीखा कर दिया है और उसके साथ कूटनीति के प्रति अपनी अस्वीकृति पर जोर दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इससे सैन्य संघर्ष की आशंका नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एक व्यापक रणनीति को आगे बढ़ाना है, जिसके तहत किम के परमाणु हथियारों और मॉस्को तथा बीजिंग के साथ संबंधों के बल पर उत्तर कोरिया की अधिक मजबूत और प्रभावशाली भूमिका स्थापित करना है।
आधिकारिक ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ ने कहा कि किम ने अपनी परमाणु-संपन्न सेना को मजबूत करने के लिए नयी हथियार प्रणालियों को विकसित करने का भी आह्वान किया।