हूती विद्रोहियों का दावा, अरामको के ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 05-10-2026
Houthi rebels claim drone and missile attacks on Aramco facilities in Saudi Arabia.
Houthi rebels claim drone and missile attacks on Aramco facilities in Saudi Arabia.

 

नई दिल्ली

यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित बलों के बीच संघर्ष तेज होने के बीच हूती समूह ने सऊदी अरब के रियाद और खुरैस क्षेत्रों में तेल कंपनी अरामको के ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है। हूती विद्रोहियों के मुताबिक, इन हमलों में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने रविवार को टेलीग्राम पर जारी एक बयान में हमलों की जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई यमन के खिलाफ सऊदी अरब की कथित सैन्य आक्रामकता के जवाब में की गई है।

सऊदी अरब पर 50 हवाई और मिसाइल हमलों का आरोप

हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने आरोप लगाया कि सऊदी अरब ने पिछले 12 घंटों के दौरान यमन की राजधानी सना समेत कई प्रांतों में लगभग 50 हवाई और मिसाइल हमले किए।

उनके मुताबिक, इन हमलों में अल-जौफ, ताइज, अमरान, हज्जा और सादा प्रांतों को निशाना बनाया गया। सरी ने दावा किया कि संघर्ष में हालिया तेजी आने के बाद से यमन के खिलाफ कुल 1,460 हवाई और मिसाइल हमले किए जा चुके हैं।

हालांकि, हूती प्रवक्ता की ओर से दिए गए इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

रियाद और खुरैस में अरामको को निशाना बनाने का दावा

याह्या सरी ने कहा कि हूती विद्रोहियों ने दो सैन्य अभियान चलाए। इनमें बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

उन्होंने दावा किया कि पहले अभियान में सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अरामको के प्रतिष्ठान को निशाना बनाया गया, जबकि दूसरे अभियान का लक्ष्य खुरैस क्षेत्र में स्थित अरामको का ठिकाना था।

हूती प्रवक्ता के अनुसार, दोनों अभियान अपने उद्देश्यों में सफल रहे और लक्षित स्थानों पर बड़े पैमाने पर आग लग गई। हालांकि, इन स्थानों पर वास्तविक नुकसान, आग लगने की स्थिति और संभावित हताहतों को लेकर स्वतंत्र जानकारी सामने नहीं आई है।

हमले जारी रखने की हूती विद्रोहियों की चेतावनी

हूती समूह ने चेतावनी दी है कि जब तक यमन के खिलाफ सऊदी अरब की कथित सैन्य कार्रवाई बंद नहीं होती और देश पर लगा प्रतिबंध नहीं हटाया जाता, तब तक सऊदी सैन्य ठिकानों और तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कार्रवाई जारी रह सकती है।

याह्या सरी ने कहा कि उनका संगठन सऊदी अरब के सैनिक जमावड़ों और अन्य ठिकानों पर भी हमले कर सकता है। उन्होंने संघर्ष में जवाबी कार्रवाई जारी रखने का संकेत देते हुए कहा कि हूती विद्रोही हमलों का जवाब हमलों से देंगे।

यमन में बढ़ता संघर्ष, क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर

यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित बलों के बीच जारी संघर्ष ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने के दावों के बीच ऊर्जा आपूर्ति और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा का मुद्दा भी अहम हो गया है।

सऊदी अरब दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में शामिल है और अरामको उसके ऊर्जा क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण कंपनियों में से एक है। ऐसे में उसके प्रतिष्ठानों पर हमले की पुष्टि होने पर क्षेत्रीय तेल आपूर्ति और बाजार पर असर पड़ने की आशंका पैदा हो सकती है।

फिलहाल, रियाद और खुरैस में कथित हमलों से हुए नुकसान तथा सऊदी अधिकारियों की प्रतिक्रिया के बारे में स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। घटनाक्रम पर आगे की जानकारी का इंतजार है।

स्रोत: एएनआई।