गाजा समझौते पर हमास सहमत, इजरायल की शर्त बरकरार

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 01-08-2026
Hamas agrees to Gaza deal; Israel's condition remains in place.
Hamas agrees to Gaza deal; Israel's condition remains in place.

 

नई दिल्ली/गाजा सिटी

गाजा में लंबे समय से जारी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। फिलिस्तीनी संगठन हमास ने शुक्रवार को कहा कि वह ऐसे समझौते पर सहमत हो गया है, जिसके तहत उसके हथियारों का नियंत्रण एक नए फिलिस्तीनी प्रशासनिक निकाय को सौंपा जाएगा और बदले में इजरायली सेना गाजा पट्टी से चरणबद्ध तरीके से पीछे हटेगी। हालांकि, इजरायल ने अब भी स्पष्ट किया है कि सेना की वापसी तभी संभव होगी, जब हमास का वास्तविक और पूर्ण निरस्त्रीकरण सुनिश्चित हो जाए।

यह प्रस्ताव उस संघर्षविराम योजना के दूसरे चरण का हिस्सा है, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर तैयार किया गया था। ट्रंप ने एक दिन पहले इस समझौते को हमास के "पूर्ण निरस्त्रीकरण" की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए इसे मध्य पूर्व में स्थायी शांति की ओर बड़ा कदम करार दिया था।

हालांकि, इजरायल की ओर से अभी तक इस समझौते पर कोई आधिकारिक सरकारी बयान जारी नहीं किया गया है। एक इजरायली राजनीतिक सूत्र ने कहा कि जब तक हमास के हथियार पूरी तरह समाप्त नहीं होते, तब तक इजरायली सेना मौजूदा तैनाती वाले क्षेत्रों से पीछे नहीं हटेगी। वहीं, इजरायल के दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गवीर ने इस समझौते की आलोचना करते हुए इसे "अस्वीकार्य" बताया और कहा कि इससे भविष्य में हमास को दोबारा संगठित होने का मौका मिल सकता है।

हमास के वार्ता दल के सदस्य गाजी हमद ने कहा कि संगठन गाजा के लोगों के हित में कई महत्वपूर्ण रियायतें देने को तैयार हुआ है। उनके अनुसार, हथियारों के प्रबंधन और निरस्त्रीकरण की जिम्मेदारी नेशनल कमेटी फॉर एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (NCAG) निभाएगी, न कि इजरायल। यह समिति गाजा के संक्रमणकालीन प्रशासन को संभालने के लिए बनाई गई है।

नई योजना के अनुसार, एनसीएजी गाजा में आंतरिक सुरक्षा और नागरिक प्रशासन की जिम्मेदारी संभालेगी। इसके साथ ही एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (International Stabilization Force) की तैनाती का प्रस्ताव भी है, जो इजरायली सेना और एनसीएजी के नियंत्रण वाले क्षेत्रों के बीच समन्वय और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

इस समझौते के तहत सभी पक्षों को तुरंत सैन्य गतिविधियां रोकनी होंगी। साथ ही, हमास के भारी हथियार, हथियारों के भंडार, सैन्य उत्पादन केंद्र और भूमिगत सुरंगों को चरणबद्ध तरीके से निष्क्रिय कर सुरक्षित नियंत्रण में रखा जाएगा। समझौते के पालन की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र सत्यापन प्रणाली भी बनाई जाएगी।

बोर्ड ऑफ पीस, जो इस प्रक्रिया की निगरानी कर रहा है, ने कहा कि हमास संघर्षविराम के अगले चरण को लागू करने के लिए विस्तृत रोडमैप पर सहमत हो गया है। संगठन ने कहा कि अब सबसे बड़ी चुनौती समझौते का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।

बोर्ड ऑफ पीस के गाजा मामलों के उच्च प्रतिनिधि निकोलाय म्लादेनोव ने कहा कि इस समझौते तक पहुंचने में कई महीनों की कठिन बातचीत लगी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब वास्तविक परीक्षा समझौते के कार्यान्वयन और उसके स्वतंत्र सत्यापन की होगी। उनके अनुसार, हथियारों के निरस्त्रीकरण और इजरायली सेना की वापसी समानांतर रूप से आगे बढ़नी चाहिए।

इस बीच, यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कैलास ने समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि इसकी सफलता के लिए अभी कई अहम कदम उठाए जाने बाकी हैं। वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे हाल के दिनों की सबसे सकारात्मक खबर बताते हुए उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र में शांति बहाल करने का रास्ता खुलेगा।

मिस्र के सरकारी मीडिया के अनुसार, गाजा संघर्षविराम के मध्यस्थ देशों—मिस्र, अमेरिका, कतर और तुर्किये—की बैठक जल्द ही काहिरा में होने वाली है। इस बैठक में समझौते के क्रियान्वयन की रूपरेखा और आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

हालांकि, समझौते को लेकर दोनों पक्षों के बीच अब भी कई मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि हमास, इजरायल और मध्यस्थ देश प्रस्तावित शर्तों को किस तरह लागू करते हैं और क्या वे गाजा में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा पाते हैं।