लंदन
ईरान में गुरुवार रात हुई व्यापक हिंसा के बाद भी सरकार विरोधी आंदोलन थमता नजर नहीं आ रहा है। शुक्रवार रात को एक बार फिर प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरने की कोशिश की और राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में अलग–अलग स्थानों पर लोग इकट्ठा होते देखे गए। हालात को नियंत्रित करने के लिए ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों के मोबाइल फोन पर चेतावनी संदेश भेजने शुरू कर दिए हैं, जिनमें उन्हें प्रदर्शनों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, न केवल सरकार बल्कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) और पुलिस की ओर से भी नागरिकों को सीधे संदेश भेजे जा रहे हैं। इन संदेशों में सख्त लहजे में चेतावनी दी गई है कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इसके बावजूद, आंदोलनकारियों का हौसला पूरी तरह टूटा नहीं है।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार 9 जनवरी को जारी आंदोलन की 13वीं रात को ईरान में विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू हो गए। राजधानी तेहरान की सड़कों पर कई लोगों को सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए देखा गया। सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शनों से जुड़े नए वीडियो सामने आने लगे हैं, हालांकि इनकी संख्या अपेक्षाकृत कम है। इसका कारण यह बताया गया है कि देश के कई हिस्सों में 24 घंटे से अधिक समय तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं, जिससे जानकारी का प्रसार बाधित हुआ।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने तेहरान के दक्षिणी इलाके के एक अस्पताल में कई लोगों को सिर में गोली लगने के कारण गंभीर रूप से घायल अवस्था में देखा। इनमें से अधिकांश लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे और माना जा रहा है कि वे गुरुवार रात हुई हिंसा के दौरान घायल हुए थे। अस्पतालों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और कई मामलों में घायलों तथा मृतकों की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आने दी जा रही है।
गौरतलब है कि गुरुवार रात ईरान के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन बेहद हिंसक हो गए थे। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं, जिसके बाद बड़े पैमाने पर गोलीबारी की खबरें सामने आईं। इसके बाद से देश में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
विश्लेषकों का मानना है कि सरकार की सख्ती और संचार पर नियंत्रण के बावजूद जनता का आक्रोश कम नहीं हुआ है। लगातार चेतावनियों, इंटरनेट बंदी और सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद प्रदर्शनकारियों का फिर से सड़कों पर उतरना इस बात का संकेत है कि आंदोलन गहराता जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी ईरान में बिगड़ते हालात पर नजर बनाए हुए है। मानवाधिकार संगठनों ने हिंसा और कथित गोलीबारी पर चिंता जताई है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईरानी सरकार इस आंदोलन से कैसे निपटती है और क्या हालात शांत हो पाते हैं या तनाव और बढ़ता है।






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