Final polls show Netanyahu and opposition blocs short of majority ahead of Israel election: Israeli media
तेल अवीव [इजरायल]
इजरायल में अगले सप्ताह होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से पहले जारी अंतिम जनमत सर्वेक्षणों में किसी भी प्रमुख राजनीतिक गुट को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के नेतृत्व वाले परिवर्तन गुट, दोनों के 120 सदस्यीय नेसेट (इजरायली संसद) में बहुमत के लिए जरूरी 61 सीटों से पीछे रहने का अनुमान है।
शुक्रवार को इजरायली टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित सर्वेक्षणों के अनुसार, कई छोटी पार्टियां चुनावी सीमा पार करने में नाकाम रह सकती हैं। इससे चुनाव के बाद नई सरकार बनाने की प्रक्रिया और जटिल होने की आशंका है।
तीन में से दो सर्वेक्षणों में गादी आइजेनकोट की याशर पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभरती दिखाई गई है, जो नेतन्याहू की लिकुड पार्टी से आगे है। वहीं, योआज हेंडेल की रिजर्विस्ट पार्टी को केवल एक सर्वेक्षण में संसद में प्रवेश मिलता दिखाया गया है। ओफर विंटर की पीपल ऑफ इजरायल पार्टी तीनों सर्वेक्षणों में चुनावी सीमा से नीचे रही।
चैनल 13 के सर्वेक्षण में विपक्षी गुट को 54 सीटें
चैनल 13 के सर्वेक्षण के अनुसार, विपक्षी परिवर्तन गुट को 54 सीटें, जबकि नेतन्याहू समर्थक दलों को 50 सीटें मिलने का अनुमान है। अरब-बहुल पार्टियों को कुल 16 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
सर्वेक्षण में याशर पार्टी को 22, लिकुड को 19, नफ्ताली बेनेट की बियाखाद पार्टी को 14 और वामपंथी डेमोक्रेट्स को 10 सीटें मिलने का अनुमान है। जॉइंट लिस्ट को नौ सीटें, जबकि यिसरायल बेतेनु, ओत्जमा येहुदित, यूनाइटेड टोरा जूडिज्म और रिलीजियस जियोनिज्म को आठ-आठ सीटें मिलने की संभावना है। शास और राम पार्टी को सात-सात सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।
चैनल 12 के सर्वेक्षण में भी बहुमत से दूर दोनों गुट
चैनल 12 के सर्वेक्षण में परिवर्तन गुट को 56 और नेतन्याहू के सत्तारूढ़ गठबंधन को 50 सीटें मिलने का अनुमान है। जॉइंट लिस्ट और राम को मिलाकर 14 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
इस सर्वेक्षण में याशर को 23, लिकुड को 21, बियाखाद को 15 और डेमोक्रेट्स को 10 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया। जॉइंट लिस्ट को नौ सीटें मिलने की संभावना है। यिसरायल बेतेनु, शास और ओत्जमा येहुदित को आठ-आठ सीटें, यूनाइटेड टोरा जूडिज्म को सात, रिलीजियस जियोनिज्म को छह और राम को पांच सीटें मिलने का अनुमान है।
चैनल 12 और चैनल 13, दोनों के सर्वेक्षणों में विंटर, हेंडेल और मोती लाइटनर के नेतृत्व वाली पार्टियों के संसद में प्रवेश करने में विफल रहने की संभावना जताई गई है।
कान के सर्वेक्षण में रिजर्विस्ट पार्टी को चार सीटें
सार्वजनिक प्रसारक कान के सर्वेक्षण में परिवर्तन गुट को 52 सीटें, नेतन्याहू के गठबंधन को 50 सीटें और अरब-नेतृत्व वाली पार्टियों को 14 सीटें मिलने का अनुमान है। इस सर्वेक्षण में हेंडेल की रिजर्विस्ट पार्टी को चार सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
कान के अनुसार, याशर को 22, लिकुड को 20 और बियाखाद को 14 सीटें मिल सकती हैं। जॉइंट लिस्ट को नौ सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि डेमोक्रेट्स, ओत्जमा येहुदित, यिसरायल बेतेनु और यूनाइटेड टोरा जूडिज्म को आठ-आठ सीटें मिलने की संभावना है। शास और रिलीजियस जियोनिज्म को सात-सात, जबकि राम को पांच सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।
कान के सर्वेक्षण में भी पीपल ऑफ इजरायल और लाइटनर की चारेदी पब्लिक पार्टी के चुनावी सीमा से नीचे रहने की संभावना जताई गई है।
चुनाव के बाद सरकार गठन की चुनौती
द टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, ये सर्वेक्षण शुक्रवार को प्रकाशित किए गए थे। इसके बाद शनिवार से चुनाव संबंधी जनमत सर्वेक्षण जारी करने पर प्रतिबंध लागू हो गया। मतदान मंगलवार को रात 10 बजे समाप्त होने पर एग्जिट पोल जारी होने की उम्मीद है।
चैनल 13 का सर्वेक्षण शमूएल रोस्नर और नोआ स्लेपकोव ने किया, जिसमें 1,875 लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें त्रुटि की संभावित सीमा 2.3 प्रतिशत बताई गई। चैनल 12 के लिए मनु गेवा की मिडगैम एजेंसी ने 1,018 लोगों का सर्वेक्षण किया, जिसकी संभावित त्रुटि सीमा 4.4 प्रतिशत थी। कान के लिए डुडू हासिद के कैंटर संस्थान ने 1,106 लोगों का सर्वेक्षण किया, जिसमें त्रुटि की संभावित सीमा तीन प्रतिशत थी।
इससे पहले द टाइम्स ऑफ इजरायल की सहयोगी वेबसाइट जमान इजरायल के अंतिम सर्वेक्षण में दोनों यहूदी-नेतृत्व वाले गुटों को 51-51 सीटें, अरब-नेतृत्व वाली पार्टियों को 14 और रिजर्विस्ट पार्टी को चार सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था।
किसी भी प्रमुख गुट के 61 सीटों के आंकड़े तक नहीं पहुंचने के कारण सरकार गठन के लिए छोटी पार्टियों की भूमिका अहम हो सकती है। इसके लिए कुछ दलों को उन राजनीतिक गुटों के साथ गठबंधन करने पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है, जिनके साथ जाने से उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान इनकार किया था।
रिपोर्ट के अनुसार, यदि कोई गठबंधन सरकार बनाने में विफल रहता है, तो 2027 की शुरुआत में दोबारा चुनाव कराए जा सकते हैं। तब तक नेतन्याहू कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रह सकते हैं।
हेब्रोन में इजरायली सेना का सीमित आतंकवाद-रोधी अभियान
इजरायल में चुनावी सरगर्मी के बीच, इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने शुक्रवार को कहा कि दो सैनिकों की गोलीबारी में मौत के बाद हेब्रोन क्षेत्र में सीमित आतंकवाद-रोधी अभियान शुरू किया गया है।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर आईडीएफ ने कहा कि हमले के जवाब में सेना ने अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर हेब्रोन क्षेत्र में लक्षित और सीमित अभियान शुरू किया है, जहां से हमलावरों के आने की बात कही गई है।
आईडीएफ के अनुसार, सैनिकों ने क्षेत्र में संदिग्ध ठिकानों और हथियारों का पता लगाने तथा उन्हें नष्ट करने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया है। इस दौरान संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।
सेना ने बताया कि अभियान वाले क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों को तीन