नई दिल्ली
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को आइसलैंड को उसके राष्ट्रीय दिवस पर बधाई दी। X पर एक पोस्ट में, उन्होंने नई दिल्ली और रेकजाविक के बीच साझेदारी को और मजबूत करने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, "आइसलैंड की विदेश मंत्री @thorgkatrin, वहां की सरकार और लोगों को उनके राष्ट्रीय दिवस पर हार्दिक बधाई। मुझे भरोसा है कि हमारे संबंध और मजबूत होते रहेंगे।"
इससे पहले मई में, ओस्लो में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन फ्रोस्टाडोटिर के बीच द्विपक्षीय बातचीत में ब्लू इकोनॉमी, जियोथर्मल एनर्जी, कार्बन कैप्चर और सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसे मुद्दों पर खास तौर पर चर्चा हुई थी। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग और आपसी चिंता के क्षेत्रीय मुद्दों के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की।
पोस्ट में कहा गया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन फ्रोस्टाडोटिर ओस्लो में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के दौरान मिले। चर्चा द्विपक्षीय संबंधों के कई पहलुओं पर केंद्रित थी, जिसमें जियोथर्मल और रिन्यूएबल एनर्जी, मछली पालन, व्यापार और निवेश, इनोवेशन, डिजिटल टेक्नोलॉजी, क्रिएटिव इकोनॉमी, आर्कटिक सहयोग और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान शामिल थे।"
प्रधानमंत्री मोदी ने सस्टेनेबिलिटी और ब्लू इकोनॉमी से जुड़े क्षेत्रों में आइसलैंड की विशेषज्ञता की भी सराहना की और भारत तथा यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) देशों के बीच बढ़ते व्यापार और निवेश सहयोग पर उम्मीद जताई। प्रधानमंत्री ने X पर अपनी पोस्ट में कहा, "आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन फ्रोस्टाडोटिर के साथ बहुत अच्छी मुलाकात हुई। भारत आइसलैंड के साथ अपनी दोस्ती को बहुत महत्व देता है। हमने स्वच्छ ऊर्जा, मछली पालन, सस्टेनेबिलिटी, जियोथर्मल एनर्जी, कार्बन कैप्चर और स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में संबंधों को बेहतर बनाने के तरीकों पर बात की। ब्लू इकोनॉमी से जुड़े क्षेत्रों में आइसलैंड की महारत काबिले तारीफ है। हमें उम्मीद है कि ऐतिहासिक भारत-EFTA TEPA से व्यापार और निवेश संबंधों को भी बढ़ावा मिलेगा।"