नोम पेन्ह (कंबोडिया)
कंबोडिया की सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि उसने एक प्रमुख चीनी कारोबारी चेन झी और दो अन्य चीनी नागरिकों को गिरफ्तार कर चीन को प्रत्यर्पित कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई कथित ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराध से जुड़े मामलों में हुई है, जिनके लिए अमेरिकी और चीनी एजेंसियां चेन झी की तलाश कर रही थीं।
कंबोडिया के गृह मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी चेन झी और अन्य दो व्यक्तियों पर गंभीर साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय जालसाज़ी के आरोप हैं। चेन झी कथित रूप से एक बड़े ऑनलाइन धोखाधड़ी नेटवर्क का संचालन कर रहा था, जिसमें निवेशकों और ग्राहकों को वित्तीय नुकसान पहुँचाने की घटनाएँ शामिल थीं। अमेरिकी अधिकारियों ने भी आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की मांग की थी।
गृह मंत्रालय ने बताया कि आरोपी चेन झी ने दिसंबर 2025 में अपनी कंबोडियाई नागरिकता छोड़ दी थी। अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तारी से पहले कई महीनों तक जांच और अंतरराष्ट्रीय समन्वय किया गया, और उसके बाद चीनी अधिकारियों के अनुरोध पर आरोपियों को चीन भेजा गया।
विशेषज्ञों के अनुसार यह कार्रवाई कंबोडिया और चीन के बीच बढ़ती सुरक्षा और साइबर अपराध सहयोग का एक उदाहरण है। कंबोडिया के अधिकारियों ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य न केवल अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाना है, बल्कि साइबर अपराध के खिलाफ वैश्विक प्रयासों को भी मजबूत करना है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार चेन झी और उनके साथियों पर वित्तीय धोखाधड़ी, निवेशकों को गुमराह करने और ऑनलाइन मंचों के माध्यम से अवैध लेन-देन का आरोप है। प्रत्यर्पण के बाद चेन झी और अन्य आरोपियों के खिलाफ चीन में कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसमें उन्हें संभावित जेल की सजा और भारी जुर्माना हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के प्रत्यर्पण साइबर अपराधियों के खिलाफ देशों के बीच सहयोग और भरोसे को मजबूत करते हैं। कंबोडिया ने भी स्पष्ट किया कि वह भविष्य में ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और सहयोग जारी रखेगा, जिससे ऑनलाइन धोखाधड़ी और वित्तीय अपराध के मामलों में कोई कमी न आने पाए।
इस घटना ने कंबोडिया में कानून और सुरक्षा एजेंसियों की दक्षता को भी उजागर किया है, जो अंतरराष्ट्रीय अपराधियों की पहचान और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।






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